झांसी। पोस्को एक्ट की अदालत ने महज 13 महीने में एक मासूम बालिका के साथ अश्लीलता करने वाले अधेड़ पर दोष सिद्ध होने पर उसके खिलाफ फैसला सुनाया है। न्यायालय ने आरोपी को पांच वर्ष का कारावास ओर दस हजार रुपए अर्थदंड से दंडित किया है।
अभियोजन की ओर से पैरवी कर रहे विशेष शासकीय अधिवक्ता विजय सिंह कुशवाह ने जानकारी देते हुए बताया कि 8 मार्च 2025 को एक महिला ने नवाबाद थाना में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया था कि वह घरों में झाड़ू पोंछा लगाने का कार्य करती है। वह सिविल लाइन झोंकन बाग में आशा राम राय के यहां काम करती थी।
घटना वाले दिन वह आशा राम के यहां काम करके अपनी सात वर्षीय पुत्री को वही छोड़ कर दूसरी जगह काम करने चली गई थी। जब वह लौट कर आई तो उसकी पुत्री गुमसुम थी। काफी पूछताछ करने पर उसने कुछ नहीं बताया। देर रात घर पहुंचने पर पुत्री ने बताया कि आशा राम ने उसे अकेली आकर उसके साथ अश्लीलता की ओर कपड़े उतार दिए। यह बात उसने इसलिए नहीं कही वह उसकी मां को नौकरी से न निकाल दे।
पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी को जेल भेज कर महज एक माह में ही आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया था। न्यायालय विशेष न्यायाधीश पोस्को एक्ट मोहम्मद नेयाज अहमद अंसारी की अदालत ने मामले की सुनवाई के दौरान आज आरोपी पर दोष सिद्ध होने पर उसे पांच साल का कारावास ओर दस हजार का अर्थदंड अदा करने का फैसला सुनाया। इस मामले में अभियोजन विशेष शासकीय अधिवक्ता विजय सिंह कुशवाह की ठोस पैरवी के चलते आरोपी पर आरोप सिद्ध हुआ ओर पीड़िता को न्याय मिल सका।
