भारत के लिए यह स्थिति इसलिए अहम हो जाती है क्योंकि टीम इस समय श्रीलंका के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज खेल रही है। पहले टेस्ट में शानदार जीत हासिल करने के बाद भारतीय टीम दूसरे टेस्ट में भी मजबूत स्थिति बनाने की कोशिश कर रही है। यदि टीम इंडिया कोलंबो टेस्ट अपने नाम करने में सफल रहती है तो डब्ल्यूटीसी प्वाइंट्स टेबल में उसका समीकरण और बेहतर हो सकता है। ऐसे में बांग्लादेश की हार भारतीय टीम के लिए राहत लेकर आई है। हालांकि डब्ल्यूटीसी में सिर्फ जीत ही महत्वपूर्ण नहीं होती बल्कि जीत प्रतिशत के आधार पर टीमों की स्थिति तय होती है इसलिए हर टेस्ट का परिणाम बेहद अहम माना जाता है।
मैके में खेले गए दूसरे टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया ने शुरुआत से ही बांग्लादेश पर दबाव बनाए रखा। बांग्लादेश की पहली पारी महज 64 रन पर सिमट गई जिसके जवाब में ऑस्ट्रेलिया ने 210 रन बनाए और 146 रन की बड़ी बढ़त हासिल की। इसके बाद बांग्लादेश की दूसरी पारी भी ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सकी और पूरी टीम सिर्फ 95 रन पर ऑलआउट हो गई। इस तरह ऑस्ट्रेलिया ने दूसरे दिन ही पारी और 51 रन से मुकाबला अपने नाम कर लिया। इस मैच में मिचेल स्टार्क ऑस्ट्रेलिया की जीत के सबसे बड़े नायक रहे। उन्होंने पहली पारी में छह और दूसरी पारी में चार विकेट लेकर मैच में कुल 10 विकेट झटके।
ऑस्ट्रेलिया की इस शानदार जीत में कप्तान पैट कमिंस और नाथन लायन ने भी अहम भूमिका निभाई। कमिंस ने दोनों पारियों में कुल छह विकेट लिए जबकि लायन ने भी महत्वपूर्ण विकेट हासिल किए। बांग्लादेश ने सीरीज के पहले टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया को नौ विकेट से हराकर बड़ा उलटफेर किया था लेकिन दूसरे टेस्ट में कंगारू टीम ने जबरदस्त वापसी करते हुए मेहमान टीम को कोई मौका नहीं दिया। अब सीरीज 1-1 से बराबर हो चुकी है और डब्ल्यूटीसी की दौड़ में ऑस्ट्रेलिया ने अपनी स्थिति और मजबूत कर ली है। वहीं भारतीय टीम की नजर अब श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टेस्ट के नतीजे पर है क्योंकि जीत उसे डब्ल्यूटीसी की तालिका में महत्वपूर्ण बढ़त दिला सकती है।
