नई दिल्ली । इंडियन प्रीमियर लीग 2026 के पहले क्वालीफायर में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने जिस तरह का प्रदर्शन किया, उसने क्रिकेट विशेषज्ञों और पूर्व खिलाड़ियों को भी प्रभावित किया है। धर्मशाला में खेले गए इस मुकाबले में Royal Challengers Bengaluru ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 254 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया और फिर गेंदबाजी में बेहतरीन अनुशासन दिखाते हुए Gujarat Titans को 162 रनों पर समेटकर 92 रनों की बड़ी जीत दर्ज की। इस जीत के बाद टीम के पूर्व कप्तान और दिग्गज स्पिनर Anil Kumble ने आरसीबी के प्रदर्शन को लेकर कहा कि यह सिर्फ एक जीत नहीं बल्कि टीम के चरित्र और आत्मविश्वास का स्पष्ट प्रमाण है। कुंबले के अनुसार प्लेऑफ जैसे दबाव वाले मुकाबले में इतना बड़ा स्कोर बनाना किसी भी टीम के लिए आसान नहीं होता, लेकिन आरसीबी ने जिस आक्रामकता और संतुलन के साथ बल्लेबाजी की, उसने मैच की दिशा पहले ही तय कर दी। उन्होंने कहा कि पिच बल्लेबाजी के अनुकूल जरूर थी, लेकिन इतने बड़े मुकाबले में मानसिक दबाव को संभालना और लगातार रन बनाना ही असली चुनौती होती है, जिसे आरसीबी के बल्लेबाजों ने पूरी तरह से सफलतापूर्वक निभाया।
A को रेखांकित किया, जब साई सुदर्शन दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से आउट हुए और उसके बाद मैच का पूरा रुख बदल गया। कुंबले ने कहा कि उस एक विकेट ने आरसीबी को खेल पर पकड़ बनाने का मौका दिया, जिसके बाद गेंदबाजों ने लगातार अनुशासित लाइन और लेंथ के साथ खेल को नियंत्रित किया। उन्होंने इसे एक क्लिनिकल परफॉर्मेंस बताया जिसमें बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग तीनों विभागों में टीम ने शानदार तालमेल दिखाया।
पूर्व भारतीय कप्तान ने कप्तान रजत पाटीदार के प्रदर्शन को भी विशेष रूप से सराहा, जिन्होंने 33 गेंदों पर नाबाद 93 रनों की विस्फोटक पारी खेली और टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। कुंबले के अनुसार बड़े मैचों में इस तरह का प्रदर्शन कप्तान के प्रति ड्रेसिंग रूम का भरोसा और सम्मान बढ़ाता है, जिससे टीम और अधिक एकजुट होकर खेलती है। उन्होंने कहा कि प्लेऑफ जैसे मुकाबले में जीत हासिल करना सिर्फ अंक या रिकॉर्ड का मामला नहीं होता, बल्कि यह टीम के आत्मविश्वास को नई ऊंचाई देता है और आगे के मुकाबलों के लिए मानसिक बढ़त भी प्रदान करता है। कुंबले ने यह भी कहा कि आरसीबी की सबसे बड़ी ताकत यह है कि हर मैच में कोई नया खिलाड़ी जिम्मेदारी उठाता है, जिससे टीम का संतुलन मजबूत बना रहता है। उनके अनुसार जब हर खिलाड़ी योगदान देता है तो वही टीम वास्तविक अर्थों में चैंपियन बनने की क्षमता रखती है। इस जीत ने न केवल आरसीबी को फाइनल में पहुंचाया है बल्कि पूरे टूर्नामेंट में उनकी दावेदारी को और मजबूत कर दिया है।
