एनडीए सांसद 21 जुलाई को प्रधानमंत्री आवास के बाहर राहुल गांधी द्वारा दिए गए धरने का विरोध कर रहे थे, जबकि इंडिया ब्लॉक के सांसद NEET पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे।
प्रदर्शन के दौरान प्रियंका गांधी वाड्रा नारे लगाते हुए एनडीए सांसदों के काफी करीब पहुंच गईं। स्थिति को देखते हुए सुरक्षाकर्मियों ने तत्काल बीच में आकर उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया, जिससे किसी तरह की टकराव की स्थिति नहीं बनने पाई।
संसद के भीतर भी दोनों सदनों में विपक्ष के हंगामे के कारण कार्यवाही सुचारु रूप से नहीं चल सकी। लगातार शोर-शराबे के चलते पहले लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित की गई। दोपहर बाद सदन की बैठक शुरू होते ही फिर से हंगामा शुरू हो गया, जिसके बाद लोकसभा की कार्यवाही शुक्रवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
उधर, राज्यसभा की कार्यवाही भी पहले दोपहर 3 बजे तक रोकी गई थी। दोबारा बैठक शुरू होने पर विपक्षी सांसदों ने फिर विरोध प्रदर्शन किया, जिसके चलते सभापति ने राज्यसभा की कार्यवाही भी शुक्रवार, 24 जुलाई तक के लिए स्थगित कर दी।
