मैच की शुरुआत से ही फ्रांस ने आक्रामक खेल दिखाया और मोरक्को के गोल पर लगातार दबाव बनाया। पांचवें मिनट में दायोट उपामेकानो के हेडर को गोलकीपर यासीन बुनू ने शानदार बचाव करते हुए गोल में जाने से रोक दिया। इसके बाद फ्रांस को पेनल्टी भी मिली, लेकिन कप्तान किलियन एम्बाप्पे उसे गोल में नहीं बदल सके। बुनू ने बेहतरीन सेव कर अपनी टीम को शुरुआती झटका लगने से बचाया।
पहले हाफ में फ्रांस ने कई मौके बनाए, लेकिन मोरक्को का मजबूत डिफेंस और गोलकीपर लगातार दीवार बने रहे। नतीजतन शुरुआती 45 मिनट तक दोनों टीमें गोल नहीं कर सकीं।
दूसरे हाफ में फ्रांस ने अपनी रफ्तार और तेज कर दी। मैच के 60वें मिनट में कप्तान एम्बाप्पे ने शानदार कर्लिंग शॉट के जरिए गोल दागकर फ्रांस को 1-0 की बढ़त दिलाई। यह इस विश्व कप में उनका आठवां गोल रहा। इसके सिर्फ छह मिनट बाद उस्मान डेम्बेले ने एम्बाप्पे के सटीक पास पर गोल करते हुए बढ़त को 2-0 कर दिया।
दो गोल की बढ़त मिलने के बाद फ्रांस ने पूरे मैच पर नियंत्रण बनाए रखा और मोरक्को को वापसी का कोई मौका नहीं दिया। मजबूत डिफेंस और बेहतरीन मिडफील्ड खेल के दम पर फ्रांस ने आसानी से जीत दर्ज करते हुए सेमीफाइनल का टिकट कटाया।
फ्रांस अब 15 जुलाई को सेमीफाइनल मुकाबले में मैदान पर उतरेगा। टीम की नजर लगातार दूसरी बार विश्व कप फाइनल में पहुंचने और एक बार फिर खिताब जीतने पर होगी। वहीं मोरक्को का अभियान समाप्त होने के बावजूद टीम ने पूरे टूर्नामेंट में अपने जुझारू प्रदर्शन से फुटबॉल प्रशंसकों का दिल जीता।
