दीप्ति शर्मा के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी खास रही क्योंकि उन्होंने केवल सर्वाधिक विकेट लेने का रिकॉर्ड ही नहीं बनाया बल्कि भारत की ओर से टी20 इंटरनेशनल में तीन या उससे ज्यादा विकेट लेने वाली गेंदबाजों में सबसे बेहतरीन गेंदबाजी प्रदर्शन भी अपने नाम कर लिया। दीप्ति ने अपने स्पेल में एक भी रन खर्च किए बिना तीन बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा। इससे पहले यह रिकॉर्ड रेणुका सिंह के नाम था जिन्होंने 2022 में पांच रन देकर तीन विकेट हासिल किए थे। दीप्ति ने इस प्रदर्शन के साथ भारतीय महिला क्रिकेट में अपनी खास जगह और मजबूत कर ली।
मुकाबले की बात करें तो भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए अच्छी शुरुआत की लेकिन पारी के दौरान लगातार विकेट गिरने के कारण टीम बड़ा स्कोर खड़ा नहीं कर सकी। भारतीय टीम ने निर्धारित पारी में 9 विकेट खोकर 159 रन बनाए। सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 64 रनों की महत्वपूर्ण पारी खेली और टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई। उनके अलावा प्रतिका रावल ने 22 रन बनाए जबकि स्मृति मंधाना 19 रन के स्कोर पर रनआउट हो गईं। कप्तान हरमनप्रीत कौर सिर्फ 5 रन बना सकीं जबकि भारती फुलमाली के बल्ले से 13 रन निकले। ऋचा घोष खाता खोले बिना पवेलियन लौट गईं और दीप्ति शर्मा भी बल्ले से सिर्फ 5 रन का योगदान दे सकीं।
भारत के 159 रन के जवाब में थाईलैंड की टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने पूरी तरह बेबस नजर आई। 160 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी थाईलैंड की पूरी टीम महज 65 रन पर ऑलआउट हो गई। भारतीय गेंदबाजों ने शुरुआत से ही विपक्षी बल्लेबाजों पर दबाव बनाए रखा और उन्हें खुलकर रन बनाने का मौका नहीं दिया। दीप्ति शर्मा ने तीन विकेट लेकर टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई। उनके अलावा नंदनी शर्मा ने 18 रन देकर तीन विकेट हासिल किए जबकि श्री चरणी को दो सफलताएं मिलीं।
इस तरह भारत ने 94 रन की बड़ी जीत के साथ एशिया कप का शानदार आगाज किया। मुकाबले का सबसे बड़ा आकर्षण हालांकि दीप्ति शर्मा का ऐतिहासिक प्रदर्शन रहा। उन्होंने टी20 इंटरनेशनल में सर्वाधिक विकेट लेने वाली गेंदबाज बनकर भारतीय क्रिकेट के इतिहास में एक और बड़ी उपलब्धि जोड़ दी। उनकी शानदार गेंदबाजी ने न केवल थाईलैंड की पारी को जल्दी समेटने में मदद की बल्कि भारत को टूर्नामेंट में आत्मविश्वास से भरपूर शुरुआत भी दिलाई।
