अगर ऐसा होता है तो यह फ्लिंटॉफ के कोचिंग करियर का बड़ा कदम होगा, क्योंकि पहली बार वह किसी विदेशी टी20 लीग में हेड कोच की भूमिका निभाते नजर आएंगे।
फ्लिंटॉफ पिछले कुछ समय से इंग्लैंड क्रिकेट में कोचिंग और मेंटरिंग की जिम्मेदारियां संभाल रहे हैं। उन्होंने लगभग एक साल तक इंग्लैंड की उभरती टीम England Lions के साथ काम किया है। इसके अलावा वह ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भी लायंस टीम के कोचिंग स्टाफ का हिस्सा रह चुके हैं।
कोचिंग में उनका अनुभव सिर्फ इंटरनेशनल सेटअप तक सीमित नहीं है। फ्लिंटॉफ ने इंग्लैंड की टी20 लीग ‘द हंड्रेड’ में Northern Superchargers के साथ भी काम किया है। 2024 और 2025 सीजन में उनके नेतृत्व में टीम ने क्रमशः चौथा और तीसरा स्थान हासिल किया था।
दिलचस्प बात यह है कि फ्लिंटॉफ का बीबीएल से पुराना नाता भी रहा है। उन्होंने 2014-15 सीजन में Brisbane Heat की ओर से खेला था। यही उनके प्रोफेशनल क्रिकेट करियर का आखिरी चरण साबित हुआ। सात मुकाबले खेलने के बाद उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया था।
सिडनी थंडर फिलहाल नए मुख्य कोच की तलाश में है। टीम के पूर्व कोच Trevor Bayliss का पांच साल का कार्यकाल समाप्त हो चुका है। हालांकि उन्होंने 2024-25 सीजन में टीम को फाइनल तक पहुंचाया था, लेकिन लगातार खराब प्रदर्शन के कारण फ्रेंचाइजी बदलाव के मूड में नजर आ रही है।
48 वर्षीय फ्लिंटॉफ इंग्लैंड क्रिकेट के सबसे प्रभावशाली ऑलराउंडरों में गिने जाते हैं। उन्होंने 1998 से 2009 के बीच इंग्लैंड के लिए 79 टेस्ट, 141 वनडे और 7 टी20 मुकाबले खेले। टेस्ट क्रिकेट में उनके नाम 3845 रन और 226 विकेट दर्ज हैं, जबकि वनडे में उन्होंने 3394 रन बनाने के साथ 169 विकेट भी लिए। अब देखने वाली बात होगी कि क्या फ्लिंटॉफ की कोचिंग में सिडनी थंडर बीबीएल में नई शुरुआत कर पाती है या नहीं।
