डेटा स्टोरेज की इस बदलती दुनिया में Cloud Storage सबसे बड़ा बदलाव लेकर आया है। इसमें यूजर को किसी फिजिकल डिवाइस को साथ रखने की जरूरत नहीं होती। जरूरी फोटो वीडियो डॉक्यूमेंट और दूसरी फाइलें ऑनलाइन स्टोर की जा सकती हैं और इंटरनेट की मदद से उन्हें अलग अलग डिवाइस से एक्सेस किया जा सकता है। यही सुविधा पेनड्राइव की तुलना में Cloud Storage को ज्यादा सुविधाजनक बनाती है। हालांकि इसके लिए इंटरनेट कनेक्शन और कई मामलों में सब्सक्रिप्शन की जरूरत पड़ सकती है।
स्मार्टफोन ने भी पेनड्राइव के इस्तेमाल को काफी प्रभावित किया है। आज के फोन में पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा इंटरनल स्टोरेज उपलब्ध है। लोग अपने फोटो वीडियो डॉक्यूमेंट और दूसरे जरूरी डेटा को सीधे फोन में रख सकते हैं। इसके अलावा WhatsApp ईमेल और अलग अलग ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए फाइल शेयर करना भी बेहद आसान हो गया है। ऐसे में छोटी मोटी फाइलों को एक डिवाइस से दूसरे डिवाइस में पहुंचाने के लिए पेनड्राइव की जरूरत पहले जैसी नहीं रही।
बड़ी फाइलों और प्रोफेशनल काम के लिए Portable SSD भी तेजी से लोकप्रिय हो रही है। पेनड्राइव की तुलना में SSD में तेज डेटा ट्रांसफर स्पीड बेहतर परफॉर्मेंस और बड़ी स्टोरेज क्षमता मिल सकती है। वीडियो एडिटिंग ग्राफिक्स और दूसरे भारी डेटा वाले काम करने वाले यूजर्स के लिए Portable SSD काफी उपयोगी साबित हो रही है। हालांकि सामान्य इस्तेमाल के लिए USB पेनड्राइव अभी भी कम कीमत और आसान उपयोग के कारण एक व्यावहारिक विकल्प बनी हुई है।
पेनड्राइव की कुछ कमियां भी हैं। इसका छोटा आकार जहां इसे पोर्टेबल बनाता है वहीं इसके खोने का खतरा भी रहता है। अगर उसमें जरूरी या निजी डेटा मौजूद है तो डिवाइस के गुम होने पर डेटा गलत व्यक्ति के हाथ लग सकता है। इसके अलावा खराब क्वालिटी की मेमोरी बार बार इस्तेमाल करने या डेटा ट्रांसफर के दौरान डिवाइस को गलत तरीके से निकालने से पेनड्राइव खराब भी हो सकती है। इसलिए बेहद जरूरी डेटा को सिर्फ एक पेनड्राइव में रखना सुरक्षित तरीका नहीं माना जाता है।
इसके बावजूद USB पेनड्राइव पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। जहां इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध नहीं होती वहां ऑफलाइन डेटा ट्रांसफर के लिए यह आज भी बेहद उपयोगी है। कंप्यूटर में ऑपरेटिंग सिस्टम इंस्टॉल करने सॉफ्टवेयर और ड्राइवर ले जाने टीवी में मीडिया चलाने तथा जरूरी फाइलों का ऑफलाइन बैकअप रखने जैसे कामों में पेनड्राइव का इस्तेमाल जारी है।
आने वाले समय में डेटा स्टोरेज किसी एक डिवाइस तक सीमित रहने के बजाय कई विकल्पों पर आधारित हो सकता है। रोजमर्रा का डेटा स्मार्टफोन में रखा जा सकता है। जरूरी फाइलों का बैकअप Cloud Storage पर रखा जा सकता है और बड़ी फाइलों के लिए Portable SSD का इस्तेमाल किया जा सकता है। वहीं USB पेनड्राइव खास जरूरतों के लिए एक छोटा और पोर्टेबल ऑफलाइन स्टोरेज विकल्प बनी रह सकती है। इसलिए यह कहना अभी जल्दबाजी होगी कि पेनड्राइव पूरी तरह पुरानी हो गई है। इतना जरूर है कि डेटा स्टोरेज की दुनिया में उसकी भूमिका पहले की तुलना में काफी बदल चुकी है।
