कंपनी इन री-न्यूड स्मार्टफोन्स के साथ 1 साल की मैन्युफैक्चरर वॉरंटी भी दे रही है, जिससे यूजर्स को भरोसे और सुरक्षा का फायदा मिलता है। इसके अलावा चार्जिंग केबल, सिम इजेक्टर पिन और यूजर मैनुअल जैसी जरूरी एक्सेसरीज भी दी जा रही हैं।
इस प्रोग्राम में सैमसंग गैलेक्सी एस25, गैलेक्सी एस25 अल्ट्रा, गैलेक्सी ए56 5जी और Galaxy A36 5G जैसे मॉडल शामिल हैं। कीमतों की बात करें तो री-न्यूड वर्जन और नए फोन्स के बीच ज्यादा अंतर नहीं देखने को मिल रहा है। उदाहरण के तौर पर Galaxy S25 का नया वर्जन सेल में करीब 62,999 रुपये में उपलब्ध है, जबकि री-न्यूड वर्जन लगभग 58,749 रुपये में मिल रहा है। यानी अंतर करीब 4 से 5 हजार रुपये का ही है।
इसी तरह Galaxy S25 Ultra और अन्य मॉडल्स में भी कीमतों का अंतर बहुत कम है, जिससे ग्राहकों के सामने बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि क्या थोड़ी सी बचत के लिए रीफर्बिश्ड फोन लेना सही विकल्प है या फिर थोड़ा और जोड़कर नया फोन खरीदना बेहतर रहेगा।
टेक विशेषज्ञों का मानना है कि री-न्यूड फोन उन लोगों के लिए बेहतर विकल्प हो सकते हैं जो सैमसंग के प्रीमियम डिवाइस कम कीमत में और भरोसे के साथ इस्तेमाल करना चाहते हैं। वहीं, अगर कीमत का अंतर बहुत कम हो तो नया फोन लेना ज्यादा समझदारी भरा फैसला हो सकता है।
कुल मिलाकर सैमसंग का यह कदम रिफर्बिश्ड मार्केट को एक नया भरोसेमंद विकल्प देने की कोशिश है, लेकिन कीमतों का छोटा अंतर इसे ग्राहकों के लिए थोड़ा कन्फ्यूजिंग बना देता है।
