उन्होंने Parallel Web Systems नाम की AI स्टार्टअप की स्थापना की है, जिसने हाल ही में 100 मिलियन डॉलर (लगभग ₹835 करोड़) की फंडिंग जुटाई है। इस फंडिंग के बाद कंपनी की कुल वैल्यूएशन लगभग 2 बिलियन डॉलर यानी करीब ₹19,020 करोड़ पहुंच गई है। यह आंकड़ा इसे तेजी से उभरते AI स्टार्टअप्स में शामिल करता है।
क्या करती है Parag Agrawal की कंपनी?
Parallel Web Systems कोई साधारण टेक कंपनी नहीं है। यह AI एजेंट्स के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करती है, यानी ऐसे सिस्टम जो इंसानों की तरह खुद निर्णय लेकर ऑनलाइन काम कर सकते हैं।
ये AI एजेंट्स केवल पहले से मौजूद डेटा पर निर्भर नहीं रहते, बल्कि:
लाइव इंटरनेट से जानकारी खोजते हैं
रियल-टाइम डेटा प्रोसेस करते हैं
और जटिल डिजिटल कामों को ऑटोमेट करते हैं
कंपनी ऐसे API टूल्स देती है जिनकी मदद से AI सिस्टम वेबसाइट्स से डेटा निकाल सकते हैं, रिसर्च कर सकते हैं और अलग-अलग ऑनलाइन वर्कफ्लो को पूरा कर सकते हैं।
किन क्षेत्रों में हो रहा है इस्तेमाल?
Parallel की टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल अब कई अहम सेक्टर्स में हो रहा है:
निवेश (Investment) रिसर्च
इंश्योरेंस क्लेम प्रोसेसिंग
लीगल एनालिसिस
सरकारी कॉन्ट्रैक्ट मैनेजमेंट
इसका मतलब है कि AI अब सिर्फ चैटबॉट तक सीमित नहीं, बल्कि असली दुनिया के बड़े और जटिल कामों को भी संभालने लगा है।
ट्विटर से AI तक का सफर
पराग अग्रवाल 2021-22 तक ट्विटर के CEO रहे। एलन मस्क के 44 बिलियन डॉलर के अधिग्रहण के बाद उन्हें कंपनी से बाहर कर दिया गया था। लेकिन इसके बाद उन्होंने हार नहीं मानी और AI सेक्टर में अपनी नई शुरुआत की।आज उनकी नई कंपनी तेजी से बढ़ते AI बाजार में एक मजबूत खिलाड़ी बनती जा रही है
