नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के बाबरी घाट पर नाव संचालन में गंभीर लापरवाही सामने आई है, जहां सुरक्षा नियमों को दरकिनार कर ओवरलोड नावों में यात्रियों के साथ-साथ ट्रैक्टर, कार और मोटरसाइकिल तक को नदी पार कराया जा रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार नावों में तय क्षमता से कई गुना अधिक यात्री बैठाए जा रहे हैं, लेकिन न तो लाइफ जैकेट उपलब्ध हैं और न ही आपात स्थिति के लिए कोई गोताखोर तैनात हैं। इससे हादसे की आशंका लगातार बनी हुई है।
हाल ही में जबलपुर के बरगी डैम क्रूज हादसे के बाद भी यहां हालात में कोई सुधार नहीं देखा गया है। नियमों के मुताबिक मोटर चालित नावों में फायर एक्सटिंगुइशर, चेतावनी बोर्ड और सुरक्षा उपकरण अनिवार्य हैं, लेकिन बाबरी घाट पर ये सभी व्यवस्थाएं नदारद हैं।
नाव यात्री राजीव पटेल ने बताया कि ओवरलोड नावों में यात्रा करना बेहद जोखिम भरा है, लेकिन मजबूरी में लोगों को ऐसा करना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ठेकेदार की मनमानी और प्रशासनिक ढिलाई के कारण कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
स्थिति को देखते हुए भेरुंदा एसडीएम सुधीर कुशवाह ने घाट का निरीक्षण किया और ठेकेदार को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी यात्रियों के लिए लाइफ जैकेट अनिवार्य होंगे और नावों की नियमित तकनीकी जांच की जाएगी। केवल प्रशिक्षित नाविकों को ही संचालन की अनुमति दी जाएगी।
एसडीएम ने यह भी निर्देश दिए कि घाट पर चेतावनी संकेतक, सुरक्षा बैरिकेडिंग और सूचना पट्ट लगाए जाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि नियमों का पालन नहीं किया गया तो संबंधित ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
एसडीएम ने यह भी निर्देश दिए कि घाट पर चेतावनी संकेतक, सुरक्षा बैरिकेडिंग और सूचना पट्ट लगाए जाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि नियमों का पालन नहीं किया गया तो संबंधित ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
