गूगल के मुताबिक, पिछले दो दशकों में इस प्लेटफॉर्म पर सबसे ज्यादा ट्रांसलेट किया जाने वाला वाक्य कोई तकनीकी या जटिल शब्द नहीं, बल्कि बेहद सरल और भावनात्मक शब्द है — “Thank You” यानी धन्यवाद। यह दिखाता है कि दुनिया के अलग-अलग देशों में लोग सबसे ज्यादा आभार और विनम्रता व्यक्त करने के लिए भाषा का इस्तेमाल करते हैं।
कंपनी ने बताया कि लोग अलग-अलग भाषाओं में “Thank You” लिखकर या बोलकर अपनी भावनाएं व्यक्त करते हैं। यही वजह है कि यह शब्द गूगल अनुवाद पर सबसे ज्यादा बार ट्रांसलेट किया गया। सोशल मीडिया पर भी इस जानकारी के सामने आने के बाद लोगों ने अलग-अलग भाषाओं में धन्यवाद लिखकर अपनी प्रतिक्रियाएं दीं।
लोगों का कहना है कि यह छोटी-सी बात बहुत बड़ा संदेश देती है कि चाहे भाषा कोई भी हो, इंसानी भावनाएं एक जैसी होती हैं। आभार, सम्मान और विनम्रता जैसी चीजें हर संस्कृति में समान महत्व रखती हैं।
आज यह टूल सिर्फ अनुवाद तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पढ़ाई, बिजनेस, यात्रा और कंटेंट क्रिएशन जैसे कई क्षेत्रों में उपयोग किया जाता है। लोग इसे विदेशी भाषा समझने, बातचीत करने और नई भाषाएं सीखने के लिए भी इस्तेमाल कर रहे हैं।
गूगल अनुवाद ने इस 20वीं सालगिरह पर एक नया AI फीचर भी लॉन्च किया है। इस फीचर का नाम “Pronounce” है, जो यूजर्स को सही उच्चारण सीखने में मदद करता है। इसमें यूजर किसी शब्द या वाक्य को बोलकर अभ्यास कर सकता है और सिस्टम बताता है कि उसका उच्चारण कितना सही है और कहां सुधार की जरूरत है।
इस फीचर का उद्देश्य लोगों को किसी भाषा का विशेषज्ञ बनाना नहीं, बल्कि उन्हें आत्मविश्वास के साथ दूसरी भाषा बोलने में मदद करना है। ऐप गलतियों को सुधारते समय एक आसान और सकारात्मक तरीका अपनाता है ताकि सीखने की प्रक्रिया सरल रहे।
फिलहाल यह नया फीचर भारत और अमेरिका में उपलब्ध कराया गया है और यह अंग्रेजी, हिंदी और स्पेनिश जैसी भाषाओं को सपोर्ट करता है।
कुल मिलाकर, गूगल अनुवाद का यह 20 साल का सफर दिखाता है कि तकनीक ने सिर्फ जानकारी ही नहीं, बल्कि दुनिया भर के लोगों को भावनात्मक रूप से भी जोड़ने का काम किया है।
