CERT-In के मुताबिक Google Chrome में अलग अलग तकनीकी खामियां सामने आई हैं। इनमें मेमोरी से जुड़ी समस्याएं और सॉफ्टवेयर के विभिन्न हिस्सों में सुरक्षा कमजोरियां शामिल हैं। किसी यूजर को विशेष रूप से तैयार किया गया वेब पेज या अनुरोध खोलने के लिए तैयार किया जाए तो हमलावर इन कमजोरियों का फायदा उठाने की कोशिश कर सकता है। सफल हमला होने की स्थिति में संवेदनशील जानकारी के सामने आने से लेकर सिस्टम पर नियंत्रण और सेवा बाधित होने जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं।
इस तरह के साइबर हमले से बचने का सबसे आसान और जरूरी तरीका अपने ब्राउजर को हमेशा लेटेस्ट वर्जन पर अपडेट रखना है। CERT-In की ओर से प्रभावित Chrome वर्जन के लिए उपलब्ध सुरक्षा अपडेट लागू करने की सलाह दी गई है। पुराने वर्जन में मौजूद सुरक्षा खामियों को साइबर अपराधी निशाना बना सकते हैं इसलिए अपडेट को टालना जोखिम बढ़ा सकता है।
यूजर्स को केवल ब्राउजर अपडेट करने तक ही सीमित नहीं रहना चाहिए। इंटरनेट इस्तेमाल करते समय अनजान वेबसाइट और संदिग्ध लिंक से दूरी बनाना भी जरूरी है। किसी ईमेल या मैसेज में आया लिंक अगर संदिग्ध दिखाई दे तो उसे खोलने से पहले उसकी विश्वसनीयता जांच लें। खासकर बैंकिंग सोशल मीडिया ईमेल और अन्य महत्वपूर्ण अकाउंट से जुड़ी जानकारी किसी अनजान वेबसाइट पर दर्ज नहीं करनी चाहिए।
इसी तरह किसी अनजान वेबसाइट से सॉफ्टवेयर फाइल या एक्सटेंशन डाउनलोड करने से बचना चाहिए। कई बार साइबर अपराधी उपयोगी एप्लीकेशन या जरूरी अपडेट के नाम पर हानिकारक फाइल डाउनलोड करवाने की कोशिश करते हैं। ऐसी स्थिति में केवल आधिकारिक वेबसाइट या विश्वसनीय प्लेटफॉर्म से ही सॉफ्टवेयर डाउनलोड करना बेहतर होता है।
यूजर्स को अपने महत्वपूर्ण अकाउंट के लिए मजबूत और अलग पासवर्ड रखने चाहिए। जहां सुविधा उपलब्ध हो वहां मल्टी फैक्टर ऑथेंटिकेशन को भी सक्रिय रखना सुरक्षा की अतिरिक्त परत प्रदान कर सकता है। अगर किसी डिवाइस में अचानक अनजान पॉप अप आने लगें ब्राउजर का व्यवहार बदल जाए या संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
CERT-In की आधिकारिक Vulnerability Notes में Google Chrome के लिए कई बार हाई और क्रिटिकल गंभीरता वाली सुरक्षा कमजोरियों की जानकारी दी गई है। जून 2026 के एक अलर्ट में कुछ Chrome कमजोरियों को क्रिटिकल बताया गया था और एक खामी के सक्रिय रूप से इस्तेमाल होने की जानकारी भी दी गई थी।
ऐसे में Chrome यूजर्स के लिए सबसे जरूरी बात यही है कि वे अपने ब्राउजर और ऑपरेटिंग सिस्टम को अपडेट रखें। साइबर सुरक्षा में छोटी सी लापरवाही व्यक्तिगत जानकारी बैंकिंग डेटा और जरूरी फाइलों के लिए परेशानी खड़ी कर सकती है। इसलिए किसी भी सुरक्षा अपडेट को नजरअंदाज करने के बजाय समय पर इंस्टॉल करना ही समझदारी है।
