वास्तु के अनुसार घर का मुख्य द्वार बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इसे हमेशा साफ सुथरा और व्यवस्थित रखना चाहिए। दरवाजे के आसपास कूड़ा या बेकार सामान जमा नहीं करना चाहिए। धार्मिक और वास्तु मान्यताओं के अनुसार मुख्य द्वार पर साफ सफाई रखने से घर में सकारात्मक वातावरण बना रहता है। शाम के समय मुख्य द्वार के पास दीपक जलाने की परंपरा भी कई घरों में है।
घर के उत्तर पूर्व यानी ईशान कोण को पूजा के लिए शुभ माना जाता है। इस स्थान को साफ और हल्का रखने की सलाह दी जाती है। यहां पूजा स्थल बनाया जा सकता है। पूजा के स्थान के आसपास अनावश्यक सामान रखने से बचना चाहिए। सुबह के समय पूजा और प्रार्थना करने से मन को शांति मिलने का अनुभव हो सकता है।
वास्तु मान्यताओं में रसोई की दिशा को भी महत्वपूर्ण माना गया है। दक्षिण पूर्व दिशा को अग्नि तत्व से जोड़ा जाता है और इसलिए इसे रसोई के लिए उपयुक्त माना जाता है। यदि रसोई किसी दूसरी दिशा में बनी हो तो भी घर की वास्तविक संरचना के अनुसार व्यवस्थाएं की जा सकती हैं। रसोई में सफाई रखना और गैस चूल्हे के आसपास अनावश्यक सामान न रखना जरूरी है।
सोने के कमरे को लेकर भी वास्तु में कुछ नियम बताए गए हैं। मान्यता के अनुसार सोते समय सिर दक्षिण या पूर्व दिशा की ओर रखना शुभ माना जाता है। बेड के नीचे बेकार सामान भरकर रखने से बचने की सलाह दी जाती है। कमरे में बहुत ज्यादा सामान रखने के बजाय खुला और व्यवस्थित वातावरण बनाए रखना बेहतर माना जाता है।
घर में टूटे हुए सामान को लंबे समय तक रखने से भी वास्तु के अनुसार बचना चाहिए। टूटा शीशा पुरानी खराब घड़ी या खराब इलेक्ट्रॉनिक सामान जैसी वस्तुएं घर में अनावश्यक जगह घेरती हैं। इसलिए जो चीजें इस्तेमाल में नहीं हैं उन्हें समय समय पर हटाना चाहिए। इससे घर व्यवस्थित रहने के साथ मानसिक रूप से भी हल्कापन महसूस हो सकता है।
पौधों को लेकर भी वास्तु में कई मान्यताएं हैं। घर में हरे पौधे रखने से वातावरण सुंदर और ताजा बना रहता है। तुलसी के पौधे को धार्मिक रूप से विशेष महत्व दिया जाता है। इसे साफ स्थान पर रखना और नियमित रूप से इसकी देखभाल करना शुभ माना जाता है। हालांकि पौधे लगाने से पहले उनकी धूप और पानी की जरूरत का भी ध्यान रखना चाहिए।
घर में सकारात्मक माहौल बनाए रखने के लिए केवल वास्तु नियमों पर निर्भर रहने के बजाय साफ सफाई और अच्छे व्यवहार को भी महत्व देना चाहिए। परिवार के सदस्यों के बीच प्रेम सम्मान और सहयोग का वातावरण घर को सुखद बनाता है। वास्तु से जुड़े उपाय धार्मिक और पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित हैं और इनके प्रभाव का वैज्ञानिक प्रमाण जरूरी नहीं है। इसलिए इन्हें आस्था और परंपरा के रूप में अपनाया जा सकता है।
