पेट के ऊपरी दाएं हिस्से में लिवर और पित्ताशय जैसे महत्वपूर्ण अंग मौजूद होते हैं। अगर इस हिस्से में दर्द खासकर तला भुना या ज्यादा वसायुक्त भोजन खाने के बाद बढ़ता है और पीठ या दाएं कंधे तक महसूस होता है तो यह पित्ताशय में पथरी की ओर संकेत कर सकता है। ऐसे मामलों में मतली और उल्टी भी हो सकती है। वहीं दर्द के साथ बुखार या आंखों और त्वचा का रंग पीला पड़ने लगे तो लिवर या पित्त नलिकाओं से जुड़ी परेशानी की संभावना को गंभीरता से लेना चाहिए।
पेट के निचले दाएं हिस्से में अचानक बढ़ने वाला दर्द अपेंडिसाइटिस का संकेत भी हो सकता है। कई बार इसकी शुरुआत नाभि के आसपास दर्द से होती है और धीरे धीरे दर्द दाईं निचली तरफ केंद्रित होने लगता है। चलने खांसने या शरीर को हिलाने पर दर्द बढ़ सकता है। इसके साथ भूख कम लगना मतली उल्टी और बुखार जैसे लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं। ऐसे दर्द को गैस समझकर लगातार दवा लेते रहना नुकसानदायक हो सकता है क्योंकि गंभीर अपेंडिसाइटिस में अपेंडिक्स के फटने जैसी जटिलता हो सकती है।
दाईं तरफ पेट या कमर में होने वाला दर्द किडनी की पथरी या मूत्र मार्ग की समस्या से भी जुड़ा हो सकता है। यदि दर्द पीठ या कमर की तरफ फैल रहा है और पेशाब करते समय जलन पेशाब में खून या बार बार पेशाब आने जैसी समस्या भी है तो चिकित्सकीय जांच जरूरी है। दूसरी ओर गैस कब्ज या आंतों की सामान्य परेशानी में पेट फूलना ऐंठन भारीपन और मल त्याग में बदलाव जैसे लक्षण हो सकते हैं और कई बार मल त्याग के बाद राहत भी मिल जाती है।
इसलिए पेट के दाईं तरफ होने वाले दर्द को समझने के लिए यह देखना जरूरी है कि दर्द कब शुरू हुआ लगातार है या रुक रुककर हो रहा है और उसके साथ कौन से दूसरे लक्षण मौजूद हैं। तेज या लगातार बढ़ता दर्द बुखार बार बार उल्टी मल में खून पीलापन बेहोशी या पेट में अत्यधिक जकड़न जैसे संकेत दिखाई दें तो तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेना जरूरी है। डॉक्टर जरूरत के अनुसार शारीरिक जांच के साथ खून और पेशाब की जांच या अल्ट्रासाउंड जैसी जांच करा सकते हैं। सही समय पर कारण की पहचान होने से गंभीर बीमारी और संभावित जटिलताओं से बचाव किया जा सकता है।
