नई दिल्ली । ऐसे फल जिनका GI 55 से कम है, वो डायबिटिक पेशेंट्स खा सकते हैं, लेकिन जो 70 से ऊपर का ग्लाइसेमिक इंडेक्स रखते हैं, उन्हें खाना रिस्की साबित हो सकता है। आमतौर पर माना जाता है कि डायबिटीज के मरीजों को फलों से बिल्कुल दूर रहना चाहिए, लेकिन सच तो ये है कि सेब, संतरा, बेरीज जैसे फल समर सीजन में खाना काफी सुरक्षित विकल्प है। हालांकि, मीठे रस से भरा और सबका फेवरेट फलों का राजा आम, पावर फ्रूट माने जाने वाला केला, और मीठा चीकू, डायबिटिक लोगों को अपनी लिस्ट से बाहर ही रखना चाहिए।
फलों में सेहत का राज छिपा होता है और संतुलित आहार के लिए इनका रोजाना सेवन जरूरी माना जाता है। लेकिन फाइबर, एंटीऑक्सिडेंट, माइक्रोन्यूट्रिएंट होने के साथ ही इनमें ग्लूकोज, फ्रुक्टोज, और सुक्रोस भी होता है जो डायबिटीज के मरीजों के लिए सुरक्षित नहीं है। इससे उनका ब्लड शुगर तेजी से बढ़ सकता है। लेकिन सेब, अमरूद जैसे पांच फल हैं जिनका सेवन करने से डायबिटीज के मरीजों को शुगर बढ़ने का खतरा नहीं होता है। बस उन्हें इस बात का ख्याल रखना होगा कि वे यह सेवन अपने संतुलित मात्रा में करें।
फलों का ग्लाइसेमिक इंडेक्स चेक करना है जरूरी
ग्लाइसेमिक इंडेक्स की श्रेणियां
दरअसल फलों को ग्लाइसेमिक इंडेक्स की 3 श्रेणियों में बांटा गया है। 55 से कम वाले लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स और 59-69 वाले मॉर्डरेट ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले फल डायबिटीज के मरीज अपनी तबियत के आधार पर खा सकते हैं। वहीं 70 या उससे ज्यादा वाले हाई ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले फलों से इस तरह के मरीजों को बचने की जरूरत है। आसानी से समझें तो जिन फलों में फाइबर की मात्रा ज्यादा होती है उनका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है। फाइबर पाचन प्रक्रिया को धीमा करता है, जिससे ग्लूकोज धीमें एब्जॉर्ब होता है और ब्लड शुगर स्पाइक नहीं होती।
• लो और मॉर्डरेट ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले फल जो सीमित मात्रा व सही तरीके से खाने पर डायबिटीज के मरीजों के लिए हैं सेफ – सेब, नाशपाती, संतरा, अमरूद और बेरीज।
डायबिटीज मरीज यूं खाएं फल
फल खाने का सही तरीका
कौन से फल खाने हैं यह जानने के साथ ही यह भी पता होना जरूरी है कि फल किस तरह खाए जाएं। आम तौर पर लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले फल डायबिटीज मरीज खा सकते हैं लेकिन यह मायने रखता है कि वे इनका सेवन कितनी बार और किस रूप में कर रहे हैं।
जूस, स्मूदी, मिल्कशेक में फलों की शुगर कंसंट्रेट तरीके से शरीर में पहुंचती है और डायबिटीज बढ़ने का खतरा बढ़ जाता है। इससे बेहतर है कि इन्हें सीधे तौर पर खाया जाए ताकि इनका फाइबर भी भरपूर मात्रा में मिल सके। इसके अलावा ज्यादा कार्बोहाइड्रेट वाली हेवी मील के साथ इन्हें खाने से भी नुकसान संभव है। बेहतर है कि इन्हें स्नैक्स की तरह मील से हटकर खाया जाए। इसके साथ ही डायबिटीज के मरीज इन बातों का भी ध्यान रख सकते हैं :
• आम तौर पर दिन में 1-2 सर्विंग ही लेनी चाहिए जिसमें 1 सर्विंग 100 ग्राम के बराबर हो।
• इन्हें प्रोटीन से भरपूर खाद्यों के साथ लेने से ज्यादा फायदा मिलता है। इसके लिए भुने चने, नट्स, हाई प्रोटीन ग्रीक योगर्ट लिए जा सकते हैं।
तो ड्रायफ्रूट्स का क्या?
डायबिटीज के मरीजों के लिए ड्रायडफ्रूट्स कितने सही?सच तो ये है कि सुपर हेल्दी माने जाने वाले ड्रायफ्रूट्स से ज्यादा फ्रेश फ्रूट्स डायबिटीज वालों के लिए सेफ हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि ताजे फल जब सूख जाते हैं तब वे ड्रायफ्रूट बन जाते हैं, जिससे उनमें मौजूद शुगर और भी कंसंट्रेट हो जाती है। खजूर और अंजीर इसका क्लासिक उदाहरण हैं, जिन्हें सुपरफ्रूड की तरह माना जाता है।
ड्रायफ्रूट कम मात्रा में खाने पर भी ज्यादा कैलोरी मिलती है, लेकिन साथ ही ब्लड शुगर भी तेजी से बढ़ती है, जो डायबिटीज से पीड़ित व्यक्ति के लिए बिल्कुल सही नहीं। इनके मुकाबले ताजा फलों का सेवन डायबिटीज के मरीजों के लिए ज्यादा बेहतर होता है क्योंकि इस तरह उन्हें एक बार की सर्विंग में बेहतर हायड्रेशन मिलता है, पेट भरता है और ग्लाइसेमिक इंडेक्स भी कम रहता है।
ध्यान देने वाली बात ये भी है कि ड्रायफ्रूट के सेवन से वो विटामिन नहीं मिल पाते जो फल के सूखने की प्रक्रिया में नष्ट हो चुके हों। यही वजह है कि इनसे भरपूर पोषण की उम्मीद नहीं की जा सकती। इसलिए भी फ्रेश फ्रूट्स बेहतर विकल्प बनकर सामने आते हैं।
अगर खाने हैं ये फल
मौसमी फल ताजगी, स्वाद और पोषण से भरपूर होते हैं। अगर आपको गर्मियों के वे फल पसंद हैं जो हाई ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले होते हैं, तो आपको मन मारने की जरूरत नहीं है। बस कुछ बातों का ध्यान रखते हुए डायबिटीज के मरीज आम, तरबूज जैसे फल का सकते हैं:
• कम मात्रा में स्नैक्स के रूप में इनका सेवन करें, भोजन के आगे पीछे इन्हें खाने से बचें।
• बेहतर शुगर कंट्रोल के लिए इन्हें हाई प्रोटीन वाले खाद्यों के साथ लें।
• एक साथ कई हाई ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले फल न खाएं।
हालांकि, सबसे सेफ यही होगा कि डाइट में इन्हें शामिल करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें और उनके निर्देशों का पूरी तरह से पालन करें। साथ ही अगर इन फलों को खाने पर असहजता या किसी अन्य तरह की परेशानी हो, या शुगर एकदम से बहुत स्पाइक हो जाए, तो तुरंत एक्सपर्ट से कनेक्ट करें।
