सहारनपुर पहुंचने के बाद नितिन नवीन ने सबसे पहले पश्चिमी यूपी के पूर्व जनप्रतिनिधियों और पूर्व पदाधिकारियों के साथ बैठक की। करीब दो घंटे चली इस बैठक में नेताओं के राजनीतिक अनुभव और संगठन के साथ उनके तालमेल से जुड़े विषयों पर फीडबैक लिया गया। साथ ही 2027 के चुनाव को लेकर संगठन की तैयारियों और आगे की रणनीति पर भी विचार-विमर्श किया गया।
इसके बाद करीब आधे घंटे तक वर्तमान जनप्रतिनिधियों और पदाधिकारियों के साथ दूसरी बैठक हुई। इसमें चुनावी तैयारियों के साथ संगठन की मौजूदा स्थिति पर चर्चा की गई। टिकट के संभावित दावेदारों की स्थिति और क्षेत्रवार फीडबैक पर भी मंथन किए जाने की बात सामने आई है। दोनों बैठकों में मीडिया की एंट्री प्रतिबंधित रही।
पश्चिमी यूपी के संगठन पर फोकस
नितिन नवीन के सहारनपुर दौरे को पश्चिमी यूपी में संगठन को चुनाव के लिए तैयार करने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है। इससे पहले मेरठ में भी उन्होंने पार्टी नेताओं, पदाधिकारियों और शक्ति केंद्र स्तर के कार्यकर्ताओं के साथ संवाद किया। सहारनपुर में भी पुराने नेताओं से अनुभव और मौजूदा संगठन से जमीनी स्थिति का फीडबैक लेने की रणनीति अपनाई गई।
रविदास मंदिर में पूजन, दलित कार्यकर्ता के घर भोजन
संगठनात्मक बैठकों के बाद नितिन नवीन ओजपुरा पहुंचे। यहां उन्होंने श्री गुरु रविदास मंदिर में दर्शन और पूजन किया। इसके बाद वे अनुसूचित जाति वर्ग के एक भाजपा कार्यकर्ता के घर पहुंचे और भोजन किया। कार्यक्रम पूरा होने के बाद उनके दिल्ली रवाना होने का कार्यक्रम था।
‘माफिया’ से सेमीकंडक्टर-एआई तक पहुंचा यूपी : नितिन नवीन
सहारनपुर में नितिन नवीन ने उत्तर प्रदेश के विकास को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि जिस प्रदेश को पहले माफिया के नाम से जाना जाता था, आज वही युवा शक्ति के साथ सेमीकंडक्टर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की पहचान अब एक्सप्रेसवे और विकास की नई परियोजनाओं से बन रही है। उनके मुताबिक प्रदेश में मिसाइल निर्माण जैसे काम हो रहे हैं, जो नए उत्तर प्रदेश की तस्वीर पेश करते हैं। नितिन नवीन ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब ‘उत्तम प्रदेश’ की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
