अभियान की खासियत पोस्टरों पर दिया गया इंटरैक्टिव QR कोड है। मोबाइल से कोड स्कैन करने पर लखनऊ और गोरखपुर में महिलाओं के खिलाफ दर्ज अपराधों से संबंधित डेटा और उससे जुड़ी अन्य जानकारी सामने आती है। पोस्टरों में इसके लिए राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो यानी NCRB के आंकड़ों का इस्तेमाल किया गया है।
इस तरह पोस्टर को केवल सूचना प्रदर्शित करने के बजाय लोगों को डिजिटल माध्यम से विस्तृत जानकारी तक पहुंचने का जरिया बनाया गया है। राहगीर अपने मोबाइल से QR कोड स्कैन कर संबंधित आंकड़ों को देख सकते हैं।
चौराहों और बाजारों में लगाए गए पोस्टर
अभियान के तहत शहर के व्यस्त इलाकों, चौराहों और बाजारों में पोस्टर लगाए गए हैं। सार्वजनिक स्थानों पर लगे इन पोस्टरों ने राहगीरों और खासकर युवाओं का ध्यान आकर्षित किया है। सामान्य पोस्टर की तरह केवल आंकड़े पढ़ने के बजाय QR कोड के जरिए लोगों को विस्तृत डिजिटल जानकारी देखने का विकल्प दिया गया है।
अपराध के आंकड़ों से जागरूकता बढ़ाने की कोशिश
अभियान के पीछे महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों और अपराध के उपलब्ध आंकड़ों को लेकर जागरूकता बढ़ाने की कोशिश बताई जा रही है। इसके साथ ही QR कोड के जरिए नागरिकों को आंकड़ों के मूल स्रोत तक पहुंचने का माध्यम देने का प्रयास किया गया है।
डिजिटल तकनीक और सार्वजनिक सूचना को जोड़ने वाला यह प्रयोग ऐसे समय में सामने आया है, जब महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर उपलब्ध आधिकारिक आंकड़ों को आम लोगों तक पहुंचाने की जरूरत पर जोर दिया जाता रहा है।
