जांच एजेंसी के अनुसार सैफुल्लाह पाकिस्तान के लाहौर में बैठकर इस पूरे हमले को अंजाम देने की रणनीति तैयार कर रहा था और हमलावरों को रियल टाइम निर्देश भी दे रहा था। चार्जशीट में यह भी उल्लेख किया गया है कि हमले के दौरान आतंकियों को जीपीएस कोऑर्डिनेट्स और रास्तों की जानकारी लगातार उपलब्ध कराई जा रही थी, जिससे वे अपने लक्ष्य तक आसानी से पहुंच सके। जांच में मिले तकनीकी सबूतों, जैसे आईपी एड्रेस और मोबाइल नेटवर्क डेटा, ने इस बात की पुष्टि की है कि हमले की योजना और संचालन पूरी तरह सीमापार बैठे नेटवर्क द्वारा नियंत्रित किया जा रहा था।
एजेंसी ने यह भी खुलासा किया है कि इस हमले के पीछे केवल हिंसा ही उद्देश्य नहीं था, बल्कि इसके साथ एक संगठित प्रोपेगैंडा अभियान भी चलाया गया था, जिसका मकसद इस घटना को गलत तरीके से पेश कर भ्रम फैलाना था। हालांकि जांच में जुटाए गए डिजिटल और मानव स्रोतों के साक्ष्यों ने इस दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया है। चार्जशीट के अनुसार हमले से पहले और बाद में सोशल मीडिया के माध्यम से झूठी जानकारी फैलाने की कोशिश की गई थी, ताकि सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई को प्रभावित किया जा सके।
सैफुल्लाह उर्फ ‘लंगड़ा’ के बारे में जांच में यह भी सामने आया है कि वह लंबे समय से कश्मीर में सक्रिय रहा है और उसने पहले भी कई गतिविधियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उसका जन्म पाकिस्तान के कसूर में हुआ था और वह वर्ष 2005 में अवैध रूप से भारत में प्रवेश कर कश्मीर के कुछ क्षेत्रों में छिपकर रहा था। इस दौरान उसने स्थानीय नेटवर्क तैयार किया और कई लोगों को संगठन से जोड़ा। बाद में वह पाकिस्तान लौट गया, लेकिन वहां से लगातार अपने नेटवर्क का संचालन करता रहा।
जांच में यह भी सामने आया है कि 2019 के बाद कश्मीर में युवाओं को प्रभावित करने के लिए टीआरएफ नामक संगठन के विस्तार में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। इसके साथ ही वह ड्रोन के जरिए हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी में भी सक्रिय था, जिससे सीमा पार से गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा था। हमले से कुछ दिन पहले ही उसने फिदायीन हमलावरों को निर्देशित कर बेसरन घाटी की ओर रवाना किया था। इस पूरे मामले में जुटाए गए सबूतों के आधार पर एजेंसी ने कहा है कि यह हमला एक सुनियोजित, तकनीकी रूप से संचालित और सीमा पार से नियंत्रित आतंकवादी अभियान था, जिसने सुरक्षा एजेंसियों के सामने नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं।
