कंपनी के अनुसार, यह निर्णय बढ़ती उत्पादन लागत और किसानों से दूध खरीदने की बढ़ी हुई कीमतों को संतुलित करने के लिए लिया गया है। पिछले एक साल में दूध उत्पादन की लागत में लगभग 6 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिसका सीधा असर कंपनियों के खर्चों पर पड़ा है।
नई दरों के बाद अब उपभोक्ताओं को फुल क्रीम दूध के लिए 72 रुपये प्रति लीटर चुकाने होंगे, जबकि टोंड दूध की कीमत 60 रुपये प्रति लीटर हो गई है। वहीं, गाय के दूध की कीमत भी बढ़कर 62 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है। डबल टोंड दूध 54 रुपये प्रति लीटर पर उपलब्ध रहेगा।
कंपनी ने बताया कि वह अपने कुल रेवेन्यू का लगभग 75 से 80 प्रतिशत हिस्सा सीधे किसानों को भुगतान करती है। ऐसे में जब कच्चे दूध की खरीद कीमतें बढ़ती हैं, तो उसका असर अंतिम उत्पाद की कीमतों पर पड़ना स्वाभाविक हो जाता है।
Mother Dairy का कहना है कि यह मूल्य वृद्धि केवल आंशिक है और उपभोक्ताओं पर बोझ को न्यूनतम रखने की कोशिश की गई है। कंपनी प्रतिदिन दिल्ली-एनसीआर में लाखों लीटर दूध की आपूर्ति करती है, जिससे यह बदलाव बड़े पैमाने पर उपभोक्ताओं को प्रभावित करेगा।
गौरतलब है कि इसी समय देश की एक और बड़ी डेयरी कंपनी Amul ने भी दूध की कीमतों में 2 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की घोषणा की है। दोनों प्रमुख ब्रांडों द्वारा एक साथ कीमतें बढ़ाने से बाजार में दूध महंगा हो गया है, जिसका सीधा असर घरेलू बजट और महंगाई पर पड़ने की संभावना है।
विशेषज्ञों के अनुसार, पशु आहार, ईंधन, पैकेजिंग सामग्री और लॉजिस्टिक्स की बढ़ती लागत ने डेयरी सेक्टर पर दबाव बढ़ा दिया है। यही कारण है कि कंपनियां कीमतें बढ़ाने को मजबूर हुई हैं।
दूसरी ओर, उपभोक्ताओं के लिए यह बदलाव चिंता का विषय बन गया है क्योंकि दूध रोजमर्रा की जरूरत का अहम हिस्सा है और इसकी कीमत बढ़ने से मासिक खर्च में सीधा इजाफा होता है।
कुल मिलाकर, Mother Dairy और Amul दोनों के फैसलों ने साफ कर दिया है कि आने वाले दिनों में डेयरी उत्पादों की कीमतें और महंगी हो सकती हैं।
