पुलिस के अनुसार छात्रा को गर्भावस्था से जुड़ी चिकित्सीय प्रक्रिया के लिए किश्तवाड़ से बाहर ले जाया जा रहा था। रास्ते में उसकी हालत गंभीर हो गई और बाद में उसने दम तोड़ दिया। अलग-अलग रिपोर्टों में गर्भावस्था की अवधि को लेकर अलग जानकारी सामने आई है। पोस्टमार्टम से गर्भावस्था की पुष्टि हुई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि छात्रा गर्भवती कैसे हुई और उसकी मौत से पहले उसके साथ क्या परिस्थितियां बनीं।
परिवार की शिकायत के आधार पर पुलिस ने शिक्षक के खिलाफ पॉक्सो समेत कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस जांच में यौन शोषण और गर्भावस्था से जुड़े आरोपों की पड़ताल की जा रही है। आरोपी शिक्षक और उसके भाई को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और आगे की कार्रवाई उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगी।
घटना के बाद शिक्षा विभाग ने भी तत्काल कार्रवाई की है। मुख्य शिक्षा अधिकारी किश्तवाड़ ने आरोपी शिक्षक को सेवा से निलंबित कर दिया है। निलंबन आदेश में दर्ज एफआईआर और शिक्षक के पुलिस हिरासत में होने का हवाला दिया गया है। विभागीय स्तर पर भी मामले की जांच की जा रही है। रिपोर्टों के अनुसार छात्रा कुछ समय से स्कूल नहीं आ रही थी। इस पहलू की भी जांच की जा रही है कि उसकी अनुपस्थिति के बावजूद स्कूल और संबंधित अधिकारियों की ओर से क्या कार्रवाई की गई थी।
घटना सामने आने के बाद किश्तवाड़ और छात्रू क्षेत्र में लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। स्थानीय लोगों ने प्रदर्शन कर मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की मांग की। कई स्थानों पर बाजार बंद रहे और प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्र
इस घटना ने नाबालिगों की सुरक्षा और स्कूलों में बच्चों के संरक्षण को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। शिक्षक और छात्र के बीच भरोसे का रिश्ता होता है और इसी कारण शिक्षक पर लगे ऐसे आरोप बेहद गंभीर माने जा रहे हैं। हालांकि मामले की जांच अभी शुरुआती चरण में है और अदालत में आरोपों की पुष्टि होना बाकी है। इसलिए आरोपी के खिलाफ लगे आरोपों को जांच के निष्कर्ष और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही देखा जाना चाहिए।
फिलहाल पुलिस का मुख्य फोकस छात्रा की मौत की पूरी परिस्थितियों को सामने लाने और उसके साथ कथित यौन शोषण से जुड़े सभी पहलुओं की जांच करने पर है। पुलिस ने संबंधित साक्ष्य जुटाए हैं और आरोपियों से पूछताछ जारी है। किश्तवाड़ में इस घटना को लेकर आक्रोश बना हुआ है और लोग पीड़ित परिवार के लिए न्याय तथा दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
