जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी अमित गुप्ता दिल्ली के लाजपत नगर स्थित एक निजी कंपनी में ग्राफिक डिजाइनर के रूप में काम करता था। वह रोज सुबह काम पर निकलने से पहले घर का मुख्य दरवाजा बाहर से बंद कर देता था और शाम को लौटकर ही उसे खोलता था। इस दौरान उसकी पत्नी नेहा कुमारी पूरे दिन घर के अंदर अकेली रहती थी। पुलिस का कहना है कि आरोपी को संदेह था कि उसकी पत्नी का किसी अन्य व्यक्ति से संबंध है और इसी शक के कारण वह उसे किसी से मिलने तक नहीं देता था।
परिवार के लोगों और पड़ोसियों ने भी पुलिस को बताया कि नेहा लंबे समय से इस तरह की प्रताड़ना झेल रही थी। उसे अकेले बाजार जाने की भी अनुमति नहीं थी और वह अधिकतर समय घर में कैद जैसी जिंदगी बिताने को मजबूर थी। पड़ोसियों ने पुष्टि की कि महिला अक्सर पूरे दिन घर के अंदर बंद रहती थी और बाहर बहुत कम दिखाई देती थी। इसके बावजूद उसने कभी खुलकर अपने साथ हो रही प्रताड़ना का विरोध नहीं किया।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने पिछले कुछ दिनों से नौकरी पर जाना बंद कर दिया था। इसी बात को लेकर पति पत्नी के बीच विवाद हुआ था। अधिकारियों के अनुसार इसी विवाद के बाद आरोपी ने कथित तौर पर अपनी गर्भवती पत्नी का सिर पानी से भरी बाल्टी में डुबो दिया जिससे उसकी मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया।
मामले की जांच कर रहे अधिकारियों ने बताया कि महिला के पिता ने अपनी बेटी और दामाद के लिए जमीन खरीदकर घर बनवाया था। हालांकि जमीन का पंजीकरण आरोपी के नाम पर कराया गया था। पुलिस अब इस मामले के हर पहलू की गहराई से जांच कर रही है और आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।
महिला के शव का मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया गया है और विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई और मजबूत होगी। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि घरेलू हिंसा और संदेह जैसी मानसिकता किस तरह पूरे परिवार को बर्बाद कर सकती है। फिलहाल पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी है और उम्मीद जताई जा रही है कि उसे जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
