सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान जांच एजेंसी ने नाशिक जिले में स्थित एक संस्थान ट्रस्ट की कार्यप्रणाली, उसमें उनकी भूमिका और वित्तीय निर्णयों में उनकी भागीदारी को लेकर सवाल किए। एजेंसी यह समझने की कोशिश कर रही है कि ट्रस्ट के संचालन में किस स्तर पर कौन-कौन शामिल था और धन के प्रवाह की दिशा क्या रही। इस दौरान ट्रस्ट को मिले दान और उसके उपयोग से जुड़े पहलुओं पर भी विस्तार से पूछताछ की गई।
रूपाली चाकणकर से यह भी पूछा गया कि उनका ट्रस्ट से जुड़ाव किस परिस्थिति में हुआ और क्या उनकी कोई वित्तीय या प्रशासनिक जिम्मेदारी थी। पूछताछ में यह भी जानने का प्रयास किया गया कि क्या ट्रस्ट से जुड़े किसी भी प्रकार के निर्णयों में उनकी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष भूमिका रही है। जांच एजेंसी ने कुछ संदिग्ध लेनदेन और बैंकिंग गतिविधियों को लेकर भी सवाल उठाए और उनके स्पष्टीकरण दर्ज किए।
सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ के दौरान चाकणकर ने कई आरोपों से इनकार किया और कहा कि उनका ट्रस्ट के वित्तीय संचालन में कोई प्रत्यक्ष हस्तक्षेप नहीं था। उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्हें कई वित्तीय गतिविधियों की जानकारी नहीं थी और उनका संबंध केवल नाममात्र का था। इसके साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिन लेनदेन को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं, उनमें उनकी कोई भूमिका नहीं रही है।
जांच एजेंसी ने उनके परिवार से जुड़े कुछ वित्तीय मामलों और व्यापारिक गतिविधियों की भी जानकारी मांगी। विशेष रूप से रियल एस्टेट और बैंकिंग से जुड़े कुछ लेनदेन पर ध्यान केंद्रित किया गया है। इसके अलावा परिजनों से जुड़े खातों और वित्तीय प्रवाह की भी जांच की जा रही है, ताकि पूरे नेटवर्क की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सके।
पूछताछ के बाद रूपाली चाकणकर ने कहा कि वह जांच में पूरा सहयोग कर रही हैं और भविष्य में भी करती रहेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि उनके खिलाफ लगाए जा रहे कई आरोप तथ्यों पर आधारित नहीं हैं और उन्हें गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है। उन्होंने अपने सार्वजनिक जीवन और संस्थागत भूमिका को लेकर उठ रहे सवालों को भी निराधार बताया।
इस पूरे मामले में जांच एजेंसी अब प्राप्त बयानों और दस्तावेजों का विश्लेषण कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, जरूरत पड़ने पर आगे भी पूछताछ की जा सकती है। मामले की जांच अभी प्रारंभिक चरण में है और आने वाले समय में इससे जुड़े कई और पहलुओं की जांच होने की संभावना है।
