अमित शाह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने राजनीतिक लाभ के लिए वंदे मातरम् को वह सम्मान नहीं दिया, जिसका यह गीत हकदार है। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् देश की स्वतंत्रता की लड़ाई से जुड़ा रहा है और करोड़ों भारतीयों की भावनाएं इससे जुड़ी हुई हैं। ऐसे में इससे संबंधित किसी भी घटनाक्रम को गंभीरता से देखा जाना चाहिए।
विवाद 15 अगस्त को कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम से जुड़ा है। कार्यक्रम में पार्टी की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी, राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और अन्य नेता मौजूद थे। ध्वजारोहण के बाद वंदे मातरम् का गायन हुआ। इसी दौरान सोनिया गांधी के एक इशारे को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने सवाल उठाए और इसे गीत के प्रति कथित आपत्ति से जोड़ दिया।
अमित शाह ने दावा किया कि वंदे मातरम् के गायन के दौरान सोनिया गांधी ने मल्लिकार्जुन खड़गे की ओर कुछ संकेत किया था। उन्होंने इसी घटनाक्रम को आधार बनाकर कांग्रेस पर सवाल खड़े किए। हालांकि इस मामले को लेकर कांग्रेस की ओर से अलग राजनीतिक प्रतिक्रिया सामने आई है और भाजपा के आरोपों को लेकर सियासी बहस जारी है।
अमित शाह ने वंदे मातरम् के ऐतिहासिक महत्व का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस गीत की रचना बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने की थी और स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान यह लोगों के लिए प्रेरणा का महत्वपूर्ण माध्यम बना। स्वतंत्रता संग्राम में वंदे मातरम् का नारा और गीत देशभक्ति की भावना से जुड़ा रहा है।
गृह मंत्री ने कांग्रेस पर यह आरोप भी लगाया कि पार्टी ने राजनीतिक और चुनावी हितों के कारण वंदे मातरम् को पीछे किया। उन्होंने कहा कि देश की भावनाओं से जुड़े इस गीत का सम्मान किया जाना चाहिए। इसी आधार पर उन्होंने कांग्रेस से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की।
इस विवाद के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी वंदे मातरम् के महत्व को लेकर देश में जागरूकता बढ़ाने की बात कर चुके हैं। भाजपा इस मुद्दे को राष्ट्रवाद और स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत से जोड़कर कांग्रेस पर राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश कर रही है।
कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम के घटनाक्रम को लेकर अब सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। भाजपा नेताओं का कहना है कि वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं, बल्कि स्वतंत्रता संघर्ष की ऐतिहासिक स्मृति और राष्ट्रीय भावना से जुड़ा प्रतीक है। वहीं इस पूरे घटनाक्रम को लेकर कांग्रेस की भूमिका और नेताओं के संकेत पर राजनीतिक चर्चा जारी है।
वंदे मातरम् को लेकर शुरू हुआ विवाद अब स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम से आगे बढ़कर व्यापक राजनीतिक बहस का रूप ले चुका है। अमित शाह की टिप्पणी के बाद भाजपा ने कांग्रेस से माफी की मांग को और प्रमुखता दी है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर दोनों दलों के बीच बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।
