चुनाव परिणाम सामने आने के बाद भाजपा ने इसे कांग्रेस नेता राहुल गांधी की राजनीति पर निशाना साधने का आधार बनाया। भाजपा प्रवक्ता सिद्धार्थ यादव ने कहा कि डूसू का परिणाम राहुल गांधी के लिए ‘मुंह पर करारा तमाचा’ है। उन्होंने दावा किया कि नतीजों ने राहुल गांधी की ‘झूठ और नकारात्मक प्रचार’ की राजनीति को खारिज कर दिया है।
‘युवा राष्ट्रवादी विचारों से दूर जा रहे हैं’ वाला नैरेटिव खारिज हुआ : भाजपा
भाजपा प्रवक्ता सिद्धार्थ यादव ने पार्टी मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि राहुल गांधी लंबे समय से ऐसा माहौल बनाने की कोशिश कर रहे थे कि देश के युवा राष्ट्रवादी विचारों से दूर जा रहे हैं और नई पीढ़ी झूठ एवं साजिश की राजनीति को पसंद कर रही है। यादव ने कहा कि डूसू चुनाव के नतीजे इस विमर्श को खारिज करते हैं।
उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस, वाम दल और उनके पूरे तंत्र की ओर से जिस राजनीतिक विमर्श को आगे बढ़ाने की कोशिश की जा रही थी, डूसू के परिणामों ने उसे ध्वस्त कर दिया है। यादव ने कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय में देश के अलग-अलग हिस्सों से छात्र पढ़ने आते हैं, इसलिए यहां का चुनाव व्यापक युवा रुझानों को भी दर्शाता है।
‘डूसू का नतीजा राहुल के खिलाफ Gen Z का जनादेश’
सिद्धार्थ यादव ने डूसू चुनाव परिणाम को राहुल गांधी के खिलाफ ‘Gen Z का जनादेश’ बताया। उन्होंने राहुल गांधी की राजनीति को ‘झूठ और नकारात्मक प्रचार’ की राजनीति बताते हुए कहा कि छात्र मतदाताओं ने इसे खारिज किया है।
यादव ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि वह कई जगहों पर ‘झूठ की गूंज’ सुनाने का काम कर रहे हैं और पूछा कि क्या उन्हें छात्रों की ओर से उठ रही ‘सच की हुंकार’ की आवाज सुनाई दे रही है।
अमित शाह बोले- युवा शक्ति को राष्ट्रविरोधी एजेंडे की प्रयोगशाला न बनाया जाए
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी ABVP की जीत पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय में देश के हर हिस्से से विद्यार्थी पढ़ने आते हैं और यहां का जनादेश पूरे भारत के युवाओं के मन का प्रतिबिंब होता है। शाह ने ABVP की जीत को उन ताकतों के लिए संदेश बताया, जो युवाओं को अपने एजेंडे के लिए ‘प्रयोगशाला’ में बदलना चाहती हैं।
शाह ने कहा कि देश का युवा ‘राष्ट्र प्रथम’ की विचारधारा के साथ खड़ा है। उन्होंने ABVP की जीत का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई कि इससे संगठन के कार्यकर्ताओं को छात्र हित और राष्ट्र निर्माण से जुड़े काम आगे बढ़ाने की ऊर्जा मिलेगी।
भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी ABVP की जीत को सकारात्मक छात्र राजनीति में युवाओं के भरोसे से जोड़ते हुए इसका स्वागत किया।
अध्यक्ष पद पर यश डबास ने 2,053 वोट से जीत दर्ज की
अध्यक्ष पद पर ABVP के यश डबास को 24,576 वोट मिले। उन्होंने NSUI के विजय शंकर मीणा को 2,053 वोटों के अंतर से हराया। मीणा को 22,523 वोट मिले।
उपाध्यक्ष पद पर सबसे ज्यादा वोट पाने वाले उम्मीदवार भी निर्दलीय दीपांशु शौकीन रहे। उन्हें 30,615 वोट मिले। शौकीन पहले NSUI से जुड़े थे और टिकट नहीं मिलने के बाद निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव मैदान में उतरे। उन्होंने ABVP के इशू मौर्य को हराया, जिन्हें 16,910 वोट मिले। NSUI के वीर छत्रथ को 4,313 वोट मिले।
सचिव पद पर रिया छाबड़ी, संयुक्त सचिव लक्ष्य राज सिंह विजयी
सचिव पद पर ABVP की रिया छाबड़ी ने 21,650 वोट हासिल कर जीत दर्ज की। NSUI की नम्रता चौधरी को 14,869 वोट मिले। वहीं संयुक्त सचिव पद पर ABVP के लक्ष्य राज सिंह ने 16,615 वोट हासिल किए और समाजवादी छात्र सभा के विशेष यादव को 15,778 वोट मिले।
इस तरह ABVP ने अध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव के पद अपने नाम किए, जबकि उपाध्यक्ष पद निर्दलीय दीपांशु शौकीन के खाते में गया। इस बार के चुनाव में NSUI केंद्रीय पैनल की किसी भी सीट पर जीत दर्ज नहीं कर सकी।
पिछले साल के चुनाव में भी ABVP ने अध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव पदों पर जीत दर्ज की थी, जबकि उपाध्यक्ष पद NSUI के खाते में गया था। इस बार उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय उम्मीदवार की जीत ने ABVP के तीन पदों की बढ़त के बीच चुनाव परिणाम को अलग राजनीतिक तस्वीर दी है।
