फिदान ने कहा कि सऊदी अरब की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता पर गंभीर हमले हो रहे हैं और इस मुद्दे पर तुर्की पूरी मजबूती के साथ रियाद के साथ खड़ा है। उन्होंने कहा कि तीनों देशों के बीच हुए रक्षा समझौते में गठबंधन का प्रावधान है। ऐसे में सऊदी अरब को किसी भी तरह की सैन्य जरूरत, विशेष रूप से तकनीकी सहायता की आवश्यकता होती है तो तुर्की उसे पूरा करने में पीछे नहीं हटेगा।
क्या है मक्का संयुक्त रक्षा समझौता?
तुर्की, सऊदी अरब और पाकिस्तान के बीच अगस्त में हुए मक्का संयुक्त रक्षा समझौते के तहत तीनों देशों में से किसी एक पर सशस्त्र हमला होने की स्थिति में उसे सभी सदस्य देशों पर हमला माना जाएगा। इसी समझौते को मौजूदा हूती हमलों के बीच पहली बड़ी परीक्षा के तौर पर देखा जा रहा है।
हालांकि, समझौते के बावजूद अभी तक तुर्की या पाकिस्तान ने हूतियों के खिलाफ सीधे सैन्य अभियान शुरू करने की घोषणा नहीं की है। पाकिस्तान ने कहा है कि मक्का समझौते के तहत हूती हमलों के जवाब में तत्काल सैन्य कार्रवाई को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई है, लेकिन जरूरत के मुताबिक वह आगे कदम उठाएगा।
ईरान-अमेरिका संघर्ष में सऊदी को घसीटना स्वीकार्य नहीं: फिदान
तुर्की के विदेश मंत्री ने यह भी कहा कि सऊदी अरब को अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे व्यापक संघर्ष का हिस्सा बनाया जाना स्वीकार्य नहीं है। उनके मुताबिक रियाद की इस युद्ध में शामिल होने की कोई इच्छा नहीं है।
फिदान ने कहा कि तुर्की ने संघर्ष खत्म करने के उद्देश्य से सभी संबंधित पक्षों के सामने कई प्रस्ताव रखे हैं। उन्होंने कहा कि कई पहल की गई हैं, लेकिन अब संबंधित पक्षों को उन्हें स्वीकार करना होगा। उन्होंने नए प्रस्तावों की भी जानकारी देते हुए उम्मीद जताई कि सभी पक्ष उन्हें मानेंगे।
हूतियों का रियाद पर मिसाइल-ड्रोन हमले का दावा
इस बीच शनिवार को हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब की राजधानी रियाद में संवेदनशील ठिकानों को मिसाइल और ड्रोन से निशाना बनाने का दावा किया। यह दावा रियाद के मुख्य एयरपोर्ट के पास आग और धुएं का गुबार दिखाई देने के कुछ घंटे बाद किया गया।
सऊदी अरब के अधिकारियों के मुताबिक, उसकी एयर डिफेंस प्रणाली ने रियाद की ओर आ रही एक मिसाइल को हवा में ही रोककर नष्ट कर दिया। अधिकारियों ने रातभर संभावित हवाई हमले को लेकर लोगों को अलर्ट पर रखा। शनिवार सुबह स्थिति सामान्य होने की जानकारी दी गई।
पाकिस्तान ने भी सऊदी की सुरक्षा को लेकर जताई प्रतिबद्धता
हूती हमलों के बीच पाकिस्तान की भूमिका पर भी नजर बनी हुई है। इस्लामाबाद ने सऊदी अरब की सुरक्षा को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है, लेकिन अभी तक मक्का समझौते के तहत किसी संयुक्त सैन्य कार्रवाई की घोषणा नहीं की गई है। पाकिस्तान का कहना है कि उचित समय आने पर वह समझौते के तहत अपनी भूमिका निभाएगा।
हूती हमलों के बढ़ने के साथ मक्का संयुक्त रक्षा समझौते की व्यावहारिक भूमिका भी चर्चा में आ गई है। फिलहाल तुर्की ने सऊदी की सैन्य जरूरतों को पूरा करने की तैयारी जताई है, जबकि सीधे युद्ध में उतरने की घोषणा नहीं की है।
