रिपोर्ट के अनुसार, ऑल इंडिया एनपीएस एंप्लॉयीज फेडरेशन और नेशनल मिशन फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मनजीत सिंह पटेल ने कहा है कि यदि आयोग समय पर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप देता है, तो नए वित्तीय वर्ष यानी अप्रैल 2027 से संशोधित वेतन लागू किया जा सकता है। हालांकि, प्रशासनिक प्रक्रिया के चलते इसमें एक-दो महीने की देरी की संभावना भी जताई जा रही है।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने जनवरी 2025 में 8वें वेतन आयोग के गठन को मंजूरी दी थी। सरकार का तर्क था कि 7वें वेतन आयोग का कार्यकाल 2026 में समाप्त हो रहा है, इसलिए नए आयोग की प्रक्रिया पहले से शुरू की जा रही है ताकि कर्मचारियों को समय पर लाभ मिल सके।
इस बार कर्मचारी संगठनों ने सरकार के सामने कई महत्वपूर्ण मांगें रखी हैं। इनमें फिटमेंट फैक्टर बढ़ाने, महंगाई भत्ते (DA) को बेसिक पे में मर्ज करने और वेतन संरचना में व्यापक बदलाव शामिल हैं। माना जा रहा है कि यदि सरकार इन मांगों को स्वीकार करती है, तो कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में बड़ा उछाल आ सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने पर कर्मचारियों और पेंशनर्स को एरियर का भी लाभ मिल सकता है। यदि आयोग की रिपोर्ट लागू होने में देरी होती है, तो जनवरी 2026 से प्रभावी मानी जाने वाली तारीख के आधार पर बकाया राशि दी जा सकती है। इससे लाखों कर्मचारियों को एकमुश्त बड़ी रकम मिलने की संभावना भी बन सकती है।
फिलहाल सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच विभिन्न मुद्दों पर चर्चा जारी है। आयोग की बैठकों में फिटमेंट फैक्टर, वेतन संरचना और पेंशन संशोधन जैसे विषयों पर मंथन किया जा रहा है। आने वाले महीनों में सरकार की ओर से इस संबंध में और बड़े अपडेट सामने आने की उम्मीद है।
केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स की नजर अब सरकार की अगली घोषणा पर टिकी हुई है, क्योंकि 8वें वेतन आयोग को लेकर हर नया अपडेट उनकी आर्थिक स्थिति और भविष्य की योजनाओं से सीधे जुड़ा हुआ है।
