निःशुल्क कोचिंग की शुरुआत 5 सितंबर से होगी। इस बार क्लासेस पॉलीटेक्निक चौराहा स्थित हिंदी भवन में आयोजित की जाएंगी। इस पहल का उद्देश्य ऐसे विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी का अवसर देना है, जो आर्थिक कारणों से महंगी निजी कोचिंग का खर्च नहीं उठा पाते। प्रशासन की इस पहल से UPSC और MPPSC जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को बिना फीस के पढ़ाई और मार्गदर्शन हासिल करने का मौका मिलेगा।
इस फ्री कोचिंग में केवल किताबों और सामान्य अध्ययन तक सीमित तैयारी नहीं होगी, बल्कि विद्यार्थियों को अनुभवी लोगों और विषय विशेषज्ञों से मार्गदर्शन भी मिलेगा। स्वयंसेवी संस्थाओं से जुड़े लोग और कॉलेज के प्रोफेसर्स भी विद्यार्थियों को पढ़ाने में सहयोग करेंगे। इसके अलावा जिला प्रशासन से जुड़े ऐसे अधिकारी, जिनकी पढ़ाने में रुचि है, वे भी नियमित रूप से क्लास लेंगे। अधिकारियों की ओर से रोजाना करीब एक से दो घंटे की कक्षाएं लेने की योजना है।
कोचिंग में अलग-अलग विषयों की तैयारी के लिए विषय विशेषज्ञों को भी जोड़ा जाएगा। इससे विद्यार्थियों को परीक्षा के सिलेबस को समझने, जरूरी विषयों पर फोकस करने और प्रतियोगी परीक्षाओं की रणनीति बनाने में मदद मिलेगी। प्रशासन की कोशिश है कि विद्यार्थियों को ऐसा शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराया जाए, जहां वे आर्थिक दबाव के बिना अपनी तैयारी को मजबूत कर सकें।
भोपाल जिला प्रशासन ने करीब दो साल पहले इस तरह की नि:शुल्क कोचिंग की शुरुआत की थी। इसके बाद जरूरतमंद विद्यार्थियों के लिए यह पहल लगातार उपयोगी साबित हो रही है। इस बार भी नए बैच के जरिए अधिक से अधिक युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का अवसर देने की कोशिश की जा रही है। खास तौर पर उन छात्रों को इससे फायदा हो सकता है, जो प्रतिभाशाली होने के बावजूद कोचिंग की महंगी फीस के कारण अच्छे संस्थानों तक नहीं पहुंच पाते।
इस नि:शुल्क कोचिंग का संचालन जिला प्रशासन भोपाल के मार्गदर्शन में आदर्श परिवार एवं आधुनिक नालंदा की ओर से पं. रविशंकर शुक्ल न्यास के सहयोग से किया जाएगा। इच्छुक विद्यार्थी रजिस्ट्रेशन और प्रवेश से जुड़ी जानकारी के लिए 8357835433 और 9584732481 नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं। रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया और जरूरी जानकारी भी इन्हीं माध्यमों से प्राप्त की जा सकती है।
UPSC और MPPSC की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए यह मौका खास है, क्योंकि सीमित सीटों के कारण केवल 50 छात्रों को ही इस बैच में जगह मिलेगी। ऐसे में इच्छुक विद्यार्थियों को रजिस्ट्रेशन की अंतिम तारीख का इंतजार करने के बजाय जल्द आवेदन करने की सलाह दी गई है। 5 सितंबर से हिंदी भवन में शुरू होने वाली यह पहल उन युवाओं के लिए उम्मीद की नई राह बन सकती है, जो प्रशासनिक सेवा में जाने का सपना देखते हैं लेकिन संसाधनों की कमी उनके रास्ते में बाधा बन रही है।
