ग्रामीणों की सूझबूझ से टली बड़ी अनहोनी
घटना के दौरान आसपास मौजूद ग्रामीणों ने हिम्मत दिखाते हुए जोरदार शोर मचाया, जिससे बाघ मौके से पीछे हट गया और जंगल की ओर भाग गया। ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व प्रबंधन को दी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और घायल महिला को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मानपुर ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार दिया गया। बाद में गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें शहडोल स्थित बिरसा मुंडा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
वन विभाग की सतर्कता और सलाह
इस घटना के बाद वन विभाग ने क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी है और मानव वन्यजीव संघर्ष को रोकने के लिए निगरानी तेज कर दी है। अधिकारियों ने ग्रामीणों को सलाह दी है कि वे जंगल में समूह में जाएं और निर्धारित समय के बाद ही प्रवेश करें। विभाग ने यह भी कहा है कि ऐसे संवेदनशील क्षेत्रों में सावधानी बरतना बेहद जरूरी है क्योंकि वन्यजीवों की मौजूदगी वाले इलाकों में अचानक हमले का खतरा बना रहता है। फिलहाल प्रशासन पीड़ित परिवार को सहायता राशि उपलब्ध करा चुका है और आगे की निगरानी जारी है।
