विधायक अरुण भीमावद ने बताया कि गौशाला निर्माण के लिए करीब 1 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। यह गौशाला आधुनिक सुविधाओं से लैस होगी, जहां लगभग 2000 गौवंश के संरक्षण और देखभाल की व्यवस्था की जाएगी। परिसर को सुरक्षित बनाने के लिए चारों ओर मजबूत बाउंड्री वॉल बनाई जाएगी, ताकि गौवंश सुरक्षित रह सके।
गौशाला परिसर में पानी की समुचित व्यवस्था के लिए विशेष तालाब भी बनाया जाएगा। इस तालाब का उपयोग गौवंश के पीने के पानी और अन्य जरूरतों के लिए किया जाएगा। विधायक ने कहा कि यदि निर्माण कार्य के दौरान अतिरिक्त बजट की जरूरत पड़ी, तो राज्य सरकार से और राशि उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक ने कहा कि गौ सेवा भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने कहा कि इस तरह की गौशालाएं न केवल बेसहारा गौवंश को संरक्षण देंगी, बल्कि समाज में सेवा, संवेदना और संस्कारों को भी मजबूत करेंगी।
स्थानीय लोगों ने भी इस पहल का स्वागत किया और उम्मीद जताई कि गौशाला बनने से क्षेत्र में आवारा गौवंश की समस्या कम होगी। साथ ही किसानों की फसलों को होने वाले नुकसान पर भी नियंत्रण लगेगा।
भूमि पूजन कार्यक्रम में गौशाला न्यास के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, ग्रामीण और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। निर्माण कार्य जल्द शुरू होने की संभावना जताई जा रही है।
