पुलिस की जांच में सामने आया कि कथित वारदात के बाद व्यापारी ने अपने दोस्त विक्की अग्रवाल को बुलाया था। बताया जा रहा है कि व्यापारी ने उसे एक बैग सौंपा जिसमें करीब 300 से 350 ग्राम सोने के बिस्किट और आभूषण थे। बरामद किए गए इस सोने की कीमत करीब 50 लाख रुपए बताई जा रही है। खास बात यह है कि शिकायत के समय व्यापारी ने पुलिस को इस सोने के बारे में जानकारी नहीं दी थी। पुलिस ने मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर दोस्त तक पहुंचकर उसके पास से सोना बरामद किया।
अब पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर व्यापारी के पास मौजूद सोना लुट गया था तो घटना के बाद उसके दोस्त के पास करीब 300 से 350 ग्राम सोना कैसे पहुंचा। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि व्यापारी ने दोस्त को सोना किस स्थिति में सौंपा था और शिकायत दर्ज कराने से पहले उसने किन लोगों से संपर्क किया था। इसी वजह से पुलिस पूरे घटनाक्रम को अलग अलग एंगल से खंगाल रही है।
व्यापारी ने अपनी शिकायत में बताया था कि वह कारोबार के सिलसिले में बड़नगर गया था और रात करीब 8.15 बजे बस से रतलाम के लिए रवाना हुआ। उसके मुताबिक बड़नगर से कुछ संदिग्ध लोग भी बस में सवार हुए और अलग अलग सीटों पर बैठ गए। रात करीब 9.15 बजे बस रेनमऊ फंटे के आसपास पहुंची। इसी दौरान ड्राइवर के पास बैठे एक व्यक्ति ने बस रुकवाई और व्यापारी के पीछे बैठे दो लोगों ने उसका बैग छीन लिया। इसके बाद आरोपी बस से उतरकर बाइक सवार साथियों के साथ फरार हो गए।
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे थे। पुलिस ने डॉग स्क्वॉड की मदद से आसपास के इलाके में तलाश की और बस के रूट के साथ संभावित सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले। शुरुआती जानकारी में पांच संदिग्धों के बस में सवार होने की बात सामने आई थी। अब पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या वास्तव में बस में मौजूद बदमाशों ने व्यापारी का बैग छीना था या वारदात की कहानी में कोई और कड़ी छिपी हुई है।
जांच में यह भी सामने आया है कि व्यापारी ने बड़नगर में करीब 10 कारोबारियों के साथ सोने के सौदे किए थे। अलग अलग कारोबारियों को कुछ ग्राम सोना और आभूषण बेचने के बाद वह रतलाम लौट रहा था। पुलिस अब इन सभी लेनदेन और संबंधित दस्तावेजों की जांच कर रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि व्यापारी के पास वास्तव में कितनी मात्रा में सोना था।
फिलहाल पुलिस ने व्यापारी के दोस्त से बरामद सोना अपने कब्जे में ले लिया है और व्यापारी तथा उसके दोस्त से पूछताछ जारी है। साथ ही पुलिस लूट की शिकायत में बताए गए सोने की वास्तविक मात्रा का मिलान बिलों और दूसरे दस्तावेजों से कर रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि कथित लूट में शामिल बदमाश कौन थे और अगर लूट हुई तो वे किस रास्ते से भागे। फिलहाल करोड़ों रुपए की इस कथित लूट में पुलिस की जांच का सबसे अहम सवाल यही है कि वास्तव में कितना सोना लूटा गया और व्यापारी ने पुलिस को पूरी जानकारी क्यों नहीं दी।
