भोपाल समेत प्रदेश के कई अन्य जिलों में भी बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है। राजधानी भोपाल में बड़ा तालाब लगभग भरने की स्थिति में पहुंच गया है। तालाब का जलस्तर 1666.50 फीट तक पहुंच चुका है और अब यह फुल टैंक लेवल से महज 0.30 फीट नीचे है। इसके पूरी तरह भरने के बाद भदभदा डैम के गेट खोले जाने की संभावना है। इससे कलियासोत डैम में भी पानी की आवक बढ़ सकती है। लगातार बारिश के कारण प्रदेश के अधिकांश जलाशयों में पानी का स्तर तेजी से सुधरा है और कई बांधों में 70 प्रतिशत से ज्यादा पानी पहुंच चुका है।
पूर्वी मध्यप्रदेश में बारिश ने कई इलाकों में मुश्किलें भी खड़ी कर दी हैं। चित्रकूट में मंदाकिनी नदी करीब 30 फीट तक उफान पर पहुंच गई थी। गोरगी बांध फूटने के बाद कई इलाकों में पानी भर गया। तेज बहाव के कारण रामघाट का बड़ा पुल भी बह गया। बाढ़ का पानी उतरने के बाद सड़कों और घरों में मिट्टी कीचड़ और मलबा जमा है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने चित्रकूट पहुंचकर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया और राहत शिविर में प्रभावित लोगों से मुलाकात की। उन्होंने अतिक्रमण को भी बाढ़ की संभावित वजहों में शामिल बताया।
शहडोल के बाणसागर डैम में भी पानी की आवक अचानक बढ़ी। डैम में पानी की आवक 808.64 क्यूमेक्स से बढ़कर 12 घंटे में 2677.29 क्यूमेक्स हो गई। इसके बाद दोपहर में डैम के 6 गेट खोल दिए गए। निचले इलाकों में प्रशासन की ओर से अलर्ट जारी किया गया है। सिंगरौली मंडला सतना और अन्य जिलों में भी भारी बारिश के कारण नदी नाले उफान पर रहे।
मौसम विभाग ने सितंबर की शुरुआत के अगले तीन दिनों में भी कई जिलों में अति भारी बारिश की आशंका जताई है। सीधी उमरिया मंडला निवाड़ी छतरपुर पन्ना दमोह नरसिंहपुर और नर्मदापुरम समेत कई क्षेत्रों में 4 से 8 इंच तक बारिश हो सकती है। ऐसे में नदी नालों और निचले इलाकों के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
प्रदेश में अब तक करीब 700 मिलीमीटर यानी 27.2 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है। यह सामान्य औसत 30.4 इंच से करीब 3.2 इंच कम है। कुल मिलाकर प्रदेश में सामान्य से 9 प्रतिशत कम बारिश हुई है। पूर्वी हिस्से में करीब 5 प्रतिशत जबकि पश्चिमी हिस्से में 12 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। हालांकि अनूपपुर निवाड़ी सतना शहडोल सीधी सिंगरौली उमरिया समेत कुछ जिलों में औसत से ज्यादा बारिश हुई है। लगातार सक्रिय मौसम प्रणाली के कारण आने वाले दिनों में बारिश का आंकड़ा और बढ़ने की संभावना है।
