जहरीली शराब से हुई मौतों के बाद जारी निर्देशों में प्रदेश के सभी जिलों में संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान करने को कहा गया है। ऐसे इलाकों में जहां अवैध शराब के निर्माण संग्रहण परिवहन या बिक्री की आशंका रहती है वहां नियमित जांच के साथ अचानक छापेमारी की जाएगी। संदिग्ध व्यक्तियों और स्थानों पर लगातार निगरानी रखी जाएगी ताकि अवैध शराब का कारोबार शुरू होने से पहले ही उस पर कार्रवाई की जा सके।
विशेष अभियान में सूचना तंत्र को भी मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं। अवैध शराब से संबंधित मिलने वाली हर विश्वसनीय सूचना का तत्काल सत्यापन किया जाएगा। सूचना सही पाए जाने पर मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 और लागू नियमों के तहत कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। विभाग ने सूचना देने वाले लोगों की पहचान गोपनीय रखने के भी निर्देश दिए हैं ताकि लोग बिना किसी डर के अवैध शराब के कारोबार की जानकारी प्रशासन तक पहुंचा सकें।
अवैध शराब बनाने वाली भट्ठियों अड्डों संग्रहण केंद्रों और बिक्री स्थलों पर विशेष दबिश देने की तैयारी है। तलाशी और जब्ती की कार्रवाई कानूनी प्रक्रिया के अनुसार की जाएगी और पंचनामा समेत सभी दस्तावेजों को सही तरीके से तैयार करने पर जोर दिया जाएगा। अधिकारियों को विशेष रूप से साक्ष्यों की गुणवत्ता पर ध्यान देने के लिए कहा गया है ताकि कार्रवाई के बाद मामले अदालत में मजबूती के साथ पेश किए जा सकें और आरोपी कानूनी प्रक्रिया की कमियों का फायदा न उठा सकें।
अवैध शराब के परिवहन पर भी कड़ी नजर रखी जाएगी। संवेदनशील मार्गों जिला सीमाओं और चिन्हित स्थानों पर वाहनों की आकस्मिक जांच होगी। संदिग्ध वाहनों में अवैध शराब या अन्य प्रतिबंधित सामग्री मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। वाहन नंबर चालक और मालिक समेत जरूरी जानकारी दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं। अंतर जिला और अंतर राज्यीय शराब तस्करी की आशंका वाले मार्गों पर संबंधित जिलों के बीच समन्वय स्थापित किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई भी होगी।
आबकारी विभाग ने लंबित मामलों की समीक्षा करने के भी निर्देश दिए हैं। जिन मामलों में गिरफ्तारी की कार्रवाई बाकी है उनकी समीक्षा कर फरार और वांछित आरोपियों की अलग सूची तैयार की जाएगी। जमानत राजसात अभिरक्षा और अन्य महत्वपूर्ण न्यायालयीन मामलों में भी लंबित कार्रवाई को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
लाइसेंसी शराब दुकानों और परिसरों की भी विशेष जांच की जाएगी। यदि वहां अवैध शराब के विक्रय भंडारण लाइसेंस की शर्तों के उल्लंघन या किसी अन्य गंभीर अनियमितता की सूचना मिलती है तो तत्काल निरीक्षण और नियमानुसार कार्रवाई होगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि गंभीर अनियमितताओं को किसी भी परिस्थिति में अनदेखा नहीं किया जाएगा।
अभियान की निगरानी के लिए दैनिक प्रगति रिपोर्ट अनिवार्य की गई है। दबिश तलाशी वाहन जांच जब्ती दर्ज प्रकरण गिरफ्तारियां फरार आरोपी और जब्त शराब समेत हर कार्रवाई का विवरण प्रतिदिन दर्ज कर वरिष्ठ अधिकारियों को भेजना होगा। कोई भी कॉलम खाली नहीं छोड़ा जाएगा और कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में शून्य अंकित करना होगा।
सबसे अहम बात यह है कि अब अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जाएगी। विश्वसनीय सूचना मिलने के बावजूद समय पर कार्रवाई नहीं करने गंभीर गड़बड़ी की उपेक्षा करने या दायित्व के निर्वहन में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी और कर्मचारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा सकती है। सहायक आबकारी आयुक्त और जिला आबकारी अधिकारियों को अपने जिलों में व्यक्तिगत रूप से निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं।
सागर की घटना के बाद शुरू होने वाला यह विशेष अभियान प्रदेश में अवैध शराब के पूरे नेटवर्क पर कार्रवाई की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि लगातार जांच छापेमारी और सख्त निगरानी से जहरीली और अवैध शराब के कारोबार पर कितनी प्रभावी रोक लगाई जा सकेगी।
