मामला राजीव गांधी नगर निवासी 46 वर्षीय वीरेन्द्र बावरिया का है। वीरेन्द्र जबलपुर नगर निगम में ठेकेदारी करते हैं। उन्होंने इस मामले की शिकायत कैंट थाने में दर्ज कराई है। पुलिस ने अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
घटना 9 अगस्त की बताई जा रही है। वीरेन्द्र काम पर जाने से पहले भैंसासुर रोड स्थित एक दुकान पर रुके थे। वहां उन्होंने QR कोड स्कैन कर 150 रुपए का UPI भुगतान किया। इसके बाद वह तीन पत्ती चौक स्थित नगर निगम कार्यालय पहुंच गए। दोपहर करीब डेढ़ बजे उनका ओप्पो एंड्रॉयड मोबाइल अचानक ऑटो अपडेट होने लगा। अपडेट की प्रक्रिया के दौरान फोन बंद हो गया और इसके बाद दोबारा चालू नहीं हुआ।
वीरेन्द्र को लगा कि फोन की बैटरी या सॉफ्टवेयर में कोई खराबी आ गई है। वह फोन लेकर ITI माढ़ोताल स्थित कटंगी रोड की एक मोबाइल दुकान पर पहुंचे। दुकानदार ने फोन चेक करने के बाद बताया कि बैटरी पूरी तरह डिस्चार्ज है और पुरानी बैटरी ठीक से काम नहीं कर रही है। फोन की समस्या के चलते वीरेन्द्र ने नया मोबाइल खरीदने का फैसला किया।
उन्होंने उसी दुकान से करीब 14 हजार रुपए का नया मोबाइल लेने की बात तय की। भुगतान के लिए उन्होंने PhonePe का इस्तेमाल करने की कोशिश की लेकिन स्क्रीन पर बैलेंस कम होने का मैसेज दिखाई दिया। यह देखकर वह हैरान रह गए क्योंकि उन्हें खाते में पर्याप्त रकम होने की उम्मीद थी। बैंक खाते की जानकारी लेने पर पता चला कि उसमें सिर्फ 36 पैसे बचे हैं।
इसके बाद वीरेन्द्र पास के SBI ATM पहुंचे और मिनी स्टेटमेंट निकाला। स्टेटमेंट देखते ही उन्हें खाते से रकम निकलने की जानकारी मिली। उनके Union Bank of India की सदर शाखा के खाते से तीन अलग-अलग UPI ट्रांजैक्शन किए गए थे। पहले 29 हजार रुपए फिर 50 हजार रुपए और इसके बाद 9 हजार 542 रुपए खाते से ट्रांसफर किए गए। कुल 88 हजार 542 रुपए की रकम उनके खाते से निकल चुकी थी।
वीरेन्द्र का कहना है कि उन्होंने ये ट्रांजैक्शन नहीं किए थे। मोबाइल बंद होने और खाते से रकम निकलने के बीच संबंध को लेकर अब पुलिस साइबर एंगल से जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि मोबाइल बंद होने के दौरान खाते तक ठगों की पहुंच कैसे बनी और UPI ट्रांजैक्शन किस माध्यम से किए गए।
इस घटना ने मोबाइल यूजर्स के लिए भी चिंता बढ़ा दी है। अचानक मोबाइल बंद होने या अपडेट होने जैसी स्थिति में लोग अक्सर इसे सामान्य तकनीकी समस्या मान लेते हैं। लेकिन इस मामले में मोबाइल की खराबी सामने आने के बाद बैंक खाते से बड़ी रकम निकलने का पता चला। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और ट्रांजैक्शन की जानकारी के आधार पर साइबर ठगों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।
