प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक धमाका इतना जोरदार था कि आसपास के लोग दहल उठे। कुछ देर तक लोगों को समझ ही नहीं आया कि आखिर हुआ क्या है। देखते ही देखते आग ने पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया और मकान जलकर लगभग खाक हो गया।
स्थानीय लोगों ने तुरंत फायर ब्रिगेड और पुलिस को सूचना दी। इसके बाद लोगों ने अपनी जान जोखिम में डालकर घर में फंसे परिवार के सदस्यों को बाहर निकाला। आग पर काबू पाने के लिए दमकल की टीम को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार घर में रखे गैस सिलेंडर का रेगुलेटर खुला हुआ था। इसी दौरान एक बछड़ा वहां टकरा गया, जिससे सिलेंडर की पाइप निकल गई और पूरे घर में गैस फैल गई। बताया जा रहा है कि चूल्हे की आग के संपर्क में आते ही गैस ने विकराल रूप ले लिया और जोरदार धमाका हो गया।
इस हादसे में यशोदानंद शुक्ला, इंद्रकली शुक्ला और दो मासूम बच्चे गंभीर रूप से झुलस गए हैं। सभी घायलों का अस्पताल में इलाज जारी है और उनकी हालत चिंताजनक बताई जा रही है। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। साथ ही आग लगने और सिलेंडर ब्लास्ट के सही कारणों की भी जांच की जा रही है।
