दक्षिण-पश्चिम मानसून का पीरियड 30 सितंबर को खत्म हो चुका है। इसके बाद प्रदेश में कहीं भी अति भारी या भारी बारिश नहीं हुई है। अब मौसम में दिन-रात के तापमान का अंतर बढ़ने लगा है। मौसम विभाग के अनुसार, अक्टूबर के पहले पखवाड़े में इसी तरह का मौसम बना रहने की संभावना है।
अमरकंटक सबसे ठंडा, कई शहरों में रात का पारा 20° से नीचे
बीती रात प्रदेश में अमरकंटक सबसे ठंडा रहा। यहां न्यूनतम तापमान 17.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। शाजापुर में 17.3, धार में 17.5, इंदौर और पचमढ़ी में 17.6 तथा भोपाल और उज्जैन में न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस रहा।
दूसरी ओर, दिन में गर्मी का असर बना हुआ है। पचमढ़ी और अमरकंटक में अधिकतम तापमान 29 डिग्री से नीचे चल रहा है, जबकि बड़वानी, धार, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम में दिन का तापमान 35 डिग्री के पार पहुंच गया है। यानी प्रदेश में एक ही समय पर कहीं रातें ठंडी हो रही हैं तो कहीं दिन में गर्मी का असर तेज है।
अक्टूबर के पहले पखवाड़े में ऐसा ही रहेगा मौसम
मौसम विभाग के अनुसार, 30 सितंबर के बाद करीब 15 दिन मौसम के बदलाव वाले होते हैं। अक्टूबर के पहले पखवाड़े में रात के तापमान में गिरावट शुरू हो जाती है, लेकिन दिन में धूप और गर्मी का असर बना रहता है। इस बार भी प्रदेश में इसी तरह का मौसम देखने को मिल रहा है।
अगले तीन दिन यानी 3, 4 और 5 अक्टूबर को प्रदेश में बारिश की संभावना नहीं है। इस दौरान ज्यादातर इलाकों में तेज धूप खिली रहेगी। इसके बाद 6 अक्टूबर को पूर्वी और उत्तरी हिस्से के कुछ जिलों में हल्की बारिश हो सकती है।
उज्जैन और ग्वालियर-चंबल से मानसून की वापसी संभव
IMD मौसम केंद्र भोपाल के मुताबिक, मानसून की वापसी रेखा फिलहाल पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान से गुजर रही है। मध्यप्रदेश में यह रेखा ग्वालियर-चंबल और उज्जैन संभाग के ऊपर बनी हुई है। ऐसे में प्रदेश से मानसून की वापसी इन्हीं इलाकों से शुरू होने की संभावना है।
इसके बाद मानसून इंदौर, भोपाल, नर्मदापुरम, सागर, जबलपुर, रीवा और शहडोल संभाग से विदा हो सकता है। अगले 2-3 दिन में वापसी की शुरुआत होने और 10 अक्टूबर तक पूरे प्रदेश से मानसून के लौटने की संभावना है।
6 अक्टूबर को इन जिलों में हल्की बारिश के आसार
मौसम विशेषज्ञ नायक के मुताबिक, अक्टूबर में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। हालांकि, कुछ इलाकों में हल्की बारिश भी हो सकती है।
6 अक्टूबर को टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, उमरिया, शहडोल, डिंडौरी और अनूपपुर में हल्की बारिश का अनुमान है। इससे पहले 3, 4 और 5 अक्टूबर को कहीं भी बारिश होने का अनुमान नहीं है।
प्रदेश में अब तक सामान्य से 4% कम बारिश
इस मानसूनी सीजन में मध्यप्रदेश में कुल 908.4 मिमी यानी 35.8 इंच बारिश रिकॉर्ड हुई है। यह सामान्य बारिश 949.5 मिमी यानी 37.3 इंच के मुकाबले करीब 1.5 इंच कम है। ओवरऑल प्रदेश में सामान्य से 4% कम पानी गिरा है।
क्षेत्रवार देखें तो पूर्वी मध्यप्रदेश में सामान्य से 4% अधिक बारिश हुई है, जबकि पश्चिमी हिस्से में औसत से 12% कम पानी गिरा है। पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में बारिश का आंकड़ा 4% ज्यादा है।
हालांकि, बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य से 5% से 21% तक कम बारिश हुई है।
पश्चिमी हिस्से में स्थिति और कमजोर रही। आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में औसत से 9% से 51% तक कम बारिश रिकॉर्ड हुई है।
इन 25 जिलों में बारिश का कोटा पूरा
प्रदेश के 25 जिलों में सामान्य बारिश का कोटा पूरा हो चुका है। इनमें भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, कटनी, मंडला, डिंडौरी, ग्वालियर, गुना, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, आगर-मालवा, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर शामिल हैं।
