मौसम विभाग के अनुसार, पिछले तीन-चार दिनों से प्रदेश के ऊपर मौसम संबंधी सिस्टम सक्रिय तो रहे, लेकिन पर्याप्त मजबूत नहीं होने के कारण व्यापक और तेज बारिश नहीं हो सकी। इसके चलते बारिश का कुल आंकड़ा लगातार घटता गया। फिलहाल प्रदेश के उत्तरी हिस्से में दो चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय हैं, जिनके प्रभाव से ग्वालियर-चंबल, सागर और रीवा संभाग के कुछ क्षेत्रों में बारिश हुई है।
मौसम वैज्ञानिक शैलेंद्र कुमार नायक के अनुसार, एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हुआ है, जिसका असर अगले कुछ दिनों में प्रदेशभर में दिखाई देगा। इसके प्रभाव से कई इलाकों में तेज बारिश का दौर शुरू होने की संभावना है।
इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
बुधवार को दतिया, भिंड, छतरपुर, पन्ना और सतना में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, अलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, अशोकनगर, मुरैना, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, दमोह, टीकमगढ़ और निवाड़ी में कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश होने की संभावना है।
कोटे से 3.5 इंच कम बारिश
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में अब तक औसतन 407.2 मिमी (16 इंच) बारिश हुई है, जबकि इस समय तक 495.2 मिमी (19.5 इंच) बारिश हो जानी चाहिए थी। यानी प्रदेश में अब तक करीब 3.5 इंच (18 प्रतिशत) बारिश की कमी दर्ज की गई है।
पूर्वी हिस्से की स्थिति सबसे खराब
पूर्वी मध्य प्रदेश के जबलपुर, शहडोल, रीवा और सागर संभाग में औसतन 22 प्रतिशत कम बारिश हुई है। इन संभागों का कोई भी जिला सामान्य बारिश के आंकड़े तक नहीं पहुंच पाया है। अनूपपुर, बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़ और उमरिया में सामान्य से 1 से 42 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज की गई है।
वहीं पश्चिमी मध्य प्रदेश के भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम और ग्वालियर-चंबल संभाग में औसतन 15 प्रतिशत कम बारिश हुई है। भोपाल, दतिया, धार, गुना, ग्वालियर, हरदा, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, राजगढ़, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा समेत कई जिले अभी भी औसत से पीछे हैं। अब तक बड़वानी, भिंड, बुरहानपुर, देवास, इंदौर, खंडवा और खरगोन ऐसे जिले हैं, जहां सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की गई है।
