श्योपुर। श्योपुर जिले के कूनो नेशनल पार्क में सोमवार को उस समय महत्वपूर्ण क्षण देखने को मिला जब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दो मादा चीतों को खुले जंगल में रिलीज किया। ये दोनों चीते अफ्रीकी देश बोत्सवाना से हाल ही में भारत लाए गए थे। मुख्यमंत्री रविवार शाम कूनो पहुंचे थे और वहीं रात्रि विश्राम के बाद सोमवार सुबह कूनो नदी किनारे स्थित रिलीज साइट पर पहुंचे। जैसे ही चीतों को जंगल में छोड़ा गया, वे तेजी से प्राकृतिक वातावरण की ओर दौड़ पड़े, जिसे देखकर वन विभाग के अधिकारी और उपस्थित अमला उत्साहित नजर आया।
चीता प्रोजेक्ट और पुनर्स्थापन की प्रक्रिया
भारत में चीता पुनर्स्थापन परियोजना की शुरुआत लगभग साढ़े तीन साल पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर की गई थी। इसके तहत अफ्रीकी देशों से चीतों को लाकर कूनो नेशनल पार्क में बसाया जा रहा है। हाल ही में बोत्सवाना से कुल 9 चीते भारत लाए गए थे, जिनमें 5 मादा और 4 नर शामिल हैं। सभी चीतों को पहले क्वारंटीन और फिर सॉफ्ट बाड़ों में रखा गया था। एक महीने की निगरानी के बाद इनमें से दो चीतों को पहली बार खुले जंगल में छोड़ा गया है, जबकि बाकी चीतों को चरणबद्ध तरीके से रिलीज किया जाएगा।
प्रदेश में चीता स्टेट की पहचान और भविष्य की योजना
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश अब चीता स्टेट के रूप में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है और यह परियोजना लगातार सफल हो रही है। वर्तमान में कूनो और गांधी सागर क्षेत्र में कुल 57 चीते मौजूद हैं, जिनमें से अधिकांश कूनो नेशनल पार्क में हैं। अधिकारियों के अनुसार सभी चीते पूरी तरह स्वस्थ हैं और उन्हें सुरक्षित वातावरण में धीरे-धीरे प्राकृतिक जीवन के लिए तैयार किया जा रहा है। इस अवसर पर कई मंत्री, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और वन विभाग के विशेषज्ञ भी मौजूद रहे। सरकार का मानना है कि यह परियोजना देश में जैव विविधता संरक्षण के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम साबित होगी।
