पीड़िता के अनुसार, ग्राम बसाड़ी निवासी सुभाष रजक और रमेश पटेल ने मिलकर पूरे मामले की साजिश रची। शिकायत में बताया गया कि ग्राम मिर्जा स्थित खसरा नंबर 30/2 और 30/3 की जमीन का सौदा 17 जनवरी 2025 को उनके ससुर कमलाकांत पाठक के साथ किया गया था।
रेखा पाठक का आरोप है कि जिस जमीन का सौदा किया गया, वह वास्तव में श्री निवास राजपूत के नाम दर्ज है। बावजूद इसके, उनकी अनुमति और हस्ताक्षर के बिना ही इकरारनामा तैयार कर लिया गया और 10 लाख रुपए नगद बयाना राशि के रूप में ले लिए गए। पीड़िता का कहना है कि सौदे के समय उन्हें विश्वास दिलाया गया था कि जमीन की रजिस्ट्री जल्द करा दी जाएगी।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि इकरारनामा आरोपी रमेश पटेल ने अपनी हैंडराइटिंग में तैयार किया था। दस्तावेज पर आरोपियों और गवाहों के हस्ताक्षर तो हैं, लेकिन वास्तविक भूमिस्वामी के हस्ताक्षर नहीं कराए गए। इसके बावजूद सौदे को वैध बताकर रकम ले ली गई।
रेखा पाठक ने बताया कि उनके ससुर कमलाकांत पाठक के निधन के बाद जब उन्होंने जमीन की रजिस्ट्री कराने या बयाना राशि वापस करने की मांग की, तो आरोपी मुकर गए। इतना ही नहीं, पैसे मांगने पर उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया और जान से मारने तथा हाथ-पैर तुड़वाने की धमकी तक दी गई।
पीड़िता का आरोप है कि आरोपियों ने खुद को प्रभावशाली बताते हुए कार्रवाई से बच निकलने की बात कही। इससे परिवार भय और मानसिक तनाव में है। रेखा पाठक ने खुद को अपने दिवंगत ससुर की कानूनी वारिस बताते हुए पुलिस से सुरक्षा की मांग भी की है।
उन्होंने पुलिस अधीक्षक से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और धमकी देने के आरोप में एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। साथ ही 10 लाख रुपए की ठगी गई राशि वापस दिलाने की भी अपील की है।
पुलिस अधिकारियों ने शिकायत प्राप्त होने के बाद मामले की जांच कर वैधानिक कार्रवाई का आश्वासन दिया है। फिलहाल यह मामला जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग जमीन सौदों में सतर्क रहने की जरूरत पर जोर दे रहे हैं।
