मैच से पहले क्रिकेट प्रेमियों के लिए मौसम की खबर भी राहत देने वाली है। मौसम वैज्ञानिक आनंद हर्षाना के मुताबिक 8 से 12 अक्टूबर के बीच बारिश की संभावना नहीं है। मानसून का दौर समाप्त होने के बाद मौसम के शुष्क रहने का अनुमान है। ऐसे में फिलहाल बारिश के कारण मैच बाधित होने की आशंका कम है। हालांकि रात में होने वाले मुकाबले के दौरान ओस की स्थिति अहम रह सकती है। तापमान हवा और नमी का असर गेंदबाजों के प्रदर्शन पर पड़ सकता है। टॉस के समय कप्तानों को इन परिस्थितियों को ध्यान में रखकर रणनीति बनानी होगी। अचानक बारिश की स्थिति से निपटने के लिए भी आयोजकों ने बैकअप व्यवस्था तैयार रखी है।
करीब 27 हजार 500 दर्शकों की संभावित मौजूदगी के कारण स्टेडियम के बाहर और भीतर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है। इस बार निगरानी के लिए आधुनिक तकनीक का भी सहारा लिया जा रहा है। स्टेडियम में लगभग 160 CCTV कैमरे लगाए गए हैं जिनकी मदद से अलग-अलग हिस्सों पर नजर रखी जाएगी। इसके अलावा फेस रिकग्नाइजेशन तकनीक का इस्तेमाल भी किया जा रहा है। पुलिस और मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के अधिकारी आपसी समन्वय के साथ सुरक्षा व्यवस्था संभालेंगे। प्रवेश द्वारों पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए रेलिंग लगाई जा रही हैं ताकि दर्शक व्यवस्थित कतारों में स्टेडियम के भीतर पहुंच सकें। दर्शकों को सलाह दी गई है कि वे टिकट पर दर्ज प्रवेश द्वार की जानकारी पहले से देख लें और सुरक्षा जांच के लिए पर्याप्त समय लेकर पहुंचें।
होलकर स्टेडियम की सबसे बड़ी खासियत इसकी छोटी बाउंड्री मानी जाती है। यहां चौकोर बाउंड्री करीब 56 मीटर और सीधी बाउंड्री लगभग 68 मीटर बताई जाती है। T20 जैसे छोटे प्रारूप में इसका महत्व और बढ़ जाता है क्योंकि सही टाइमिंग से लगाए गए शॉट आसानी से बाउंड्री तक पहुंच सकते हैं। इसी वजह से दर्शकों को बड़े शॉट और तेजी से बनते स्कोर की उम्मीद रहेगी। हालांकि छोटी बाउंड्री बल्लेबाजों के लिए जितनी फायदेमंद होती है उतनी ही गेंदबाजों के लिए चुनौती भी बन सकती है। पावरप्ले के शुरुआती छह ओवर में दोनों टीमों की रणनीति मुकाबले की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती है।
होलकर स्टेडियम का इतिहास भी कई यादगार क्रिकेट उपलब्धियों से जुड़ा है। 8 दिसंबर 2011 को भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेले गए वनडे मुकाबले में वीरेंद्र सहवाग ने 149 गेंदों पर 219 रन की ऐतिहासिक पारी खेली थी। उनकी बल्लेबाजी की बदौलत भारत ने 50 ओवर में 418 रन बनाए और वेस्टइंडीज को बड़े अंतर से हराया। इस मैदान पर भारत ने लंबे समय तक वनडे मुकाबलों में लगातार जीत का सिलसिला बनाए रखा था। हालांकि जनवरी 2026 में न्यूजीलैंड ने भारत को हराकर यह सिलसिला तोड़ दिया। अब 11 अक्टूबर को भारत और वेस्टइंडीज की टीमें इसी मैदान पर T20 प्रारूप में आमने-सामने होंगी।
मैच को लेकर इंदौर के क्रिकेट प्रेमियों में उत्साह है। एक ओर मैदान पर चौके-छक्कों की बरसात देखने की उम्मीद है तो दूसरी ओर आयोजकों के सामने हजारों दर्शकों को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से प्रवेश दिलाने की चुनौती रहेगी। मौसम फिलहाल अनुकूल रहने का अनुमान है और तैयारियां अंतिम दौर में हैं। अब सबकी नजरें मुकाबले पर टिकी हैं जहां खिलाड़ियों का प्रदर्शन पिच की परिस्थितियां और रात में पड़ने वाली ओस मैच का रोमांच बढ़ा सकती हैं।
