स्पेसएक्स के शेयरों में लगभग 3.5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। कंपनी को लेकर निवेशकों की चिंता बढ़ने की एक वजह चिप निर्माता एनवीडिया से चिप खरीदने के लिए 40 अरब डॉलर जुटाने की संभावित योजना बताई गई। इस योजना को लेकर बनी अनिश्चितता के बीच कंपनी के शेयर कमजोर हुए। वहीं, टेस्ला के शेयरों में भी दो प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई। दोनों कंपनियों के शेयरों में कमजोरी का असर मस्क की कुल संपत्ति पर पड़ा और वह फिर ट्रिलियन डॉलर के स्तर से नीचे आ गए।
मस्क ने पहली बार जून में एक ट्रिलियन डॉलर की संपत्ति का आंकड़ा पार किया था। उस समय स्पेसएक्स के सार्वजनिक बाजार में सूचीबद्ध होने के बाद उनकी अनुमानित संपत्ति लगभग 1.45 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गई थी। इसके बाद उनकी संपत्ति में उतार-चढ़ाव जारी रहा। ताजा गिरावट के साथ उनकी कुल संपत्ति 991.6 अरब डॉलर रह गई, जिससे वह एक बार फिर इस स्तर से नीचे आ गए। उनकी संपत्ति में बदलाव का प्रमुख कारण स्पेसएक्स और टेस्ला के शेयरों के मूल्य में आई कमी रही।
टेक्नोलॉजी शेयरों में गिरावट का असर दूसरे प्रमुख अरबपतियों पर भी पड़ा। एनवीडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जेन्सन हुआंग की अनुमानित संपत्ति एक दिन में 6.1 अरब डॉलर घटकर 199.3 अरब डॉलर रह गई। इस गिरावट के बाद उनकी संपत्ति 200 अरब डॉलर के स्तर से नीचे आ गई। इसी तरह, ओरेकल के सह-संस्थापक लैरी एलिसन की संपत्ति में 8.9 अरब डॉलर की कमी दर्ज की गई और यह घटकर 176.8 अरब डॉलर रह गई। दोनों कारोबारियों की संपत्ति में आई गिरावट ने टेक क्षेत्र के शेयरों में कमजोरी के व्यापक असर को दिखाया।
अरबपतियों की संपत्ति में गिरावट के बावजूद जेन्सन हुआंग और लैरी एलिसन की सूची में स्थिति में बदलाव नहीं हुआ। वास्तविक समय में अरबपतियों की संपत्ति का आकलन करने वाली सूची में हुआंग सातवें और एलिसन आठवें स्थान पर बने रहे। हालांकि, गुरुवार के कारोबारी सत्र में दोनों की संपत्ति में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई। शेयरों के बाजार मूल्य में होने वाले बदलाव के साथ इन कारोबारियों की अनुमानित संपत्ति भी घटती-बढ़ती रहती है।
अमेरिकी शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों पर भी टेक शेयरों में बिकवाली का असर दिखाई दिया। नैस्डैक-100 सूचकांक 1.4 प्रतिशत गिर गया। यह पिछले सात सप्ताह में उसकी सबसे बड़ी एकदिवसीय गिरावट रही। वहीं, एसएंडपी 500 सूचकांक में 0.5 प्रतिशत की कमजोरी दर्ज की गई। बाजार में आई इस गिरावट के पीछे टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से संबंधित शेयरों में बढ़ती बिकवाली को प्रमुख कारण बताया गया। इससे निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई और प्रमुख अमेरिकी सूचकांक दबाव में रहे।
इसके विपरीत, शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में सूचना प्रौद्योगिकी यानी आईटी कंपनियों के शेयरों में मजबूती देखने को मिली। शुरुआती कारोबार के दौरान निफ्टी आईटी सूचकांक तीन प्रतिशत से अधिक चढ़ गया और 28,600 के स्तर को पार कर गया। इस तरह अमेरिकी बाजार में टेक शेयरों की कमजोरी के बीच भारतीय आईटी सूचकांक में तेजी दर्ज की गई।
