छात्रों का कहना है कि GNM और बीएससी नर्सिंग के परिणाम लंबे समय से लंबित हैं और इसकी वजह से बड़ी संख्या में विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। संगठन ने मांग की है कि सभी लंबित रिजल्ट जल्द से जल्द घोषित किए जाएं और इसके बाद आगामी परीक्षाओं का कार्यक्रम भी जारी किया जाए। छात्रों का आरोप है कि परीक्षा और परिणाम में देरी के कारण उनकी आगे की पढ़ाई और करियर से जुड़ी योजनाएं प्रभावित हो रही हैं।
प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में नर्सिंग छात्र नर्सिंग काउंसिल के सामने मौजूद रहे। छात्र नेता रवि परमार ने बताया कि तीन छात्र मांगों को लेकर पास की बिल्डिंग पर चढ़ गए थे। पुलिस और अन्य लोगों ने उन्हें समझाकर नीचे उतारा। इसके बाद भी छात्रों का धरना जारी रहा। प्रदर्शनकारियों ने साफ किया कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती तब तक आंदोलन जारी रखने की बात कही जा रही है।
छात्रों की मांगों में केवल रिजल्ट और परीक्षाएं ही शामिल नहीं हैं। संगठन ने SC ST और OBC वर्ग के GNM बीएससी नर्सिंग पोस्ट बेसिक नर्सिंग MSc नर्सिंग और पैरामेडिकल छात्रों को स्कॉलरशिप देने की मांग की है। इसके साथ ही EWS आरक्षण के दायरे में आने वाले सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों के लिए भी पढ़ाई से जुड़ी स्कॉलरशिप योजना शुरू करने की मांग उठाई गई है। छात्रों का कहना है कि आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के लिए शिक्षा जारी रखना मुश्किल होता है इसलिए छात्रवृत्ति की व्यवस्था जरूरी है।
NSO ने नर्सिंग और पैरामेडिकल कॉलेजों को क्षेत्रीय यूनिवर्सिटीज से हटाकर दोबारा मेडिकल यूनिवर्सिटी जबलपुर से जोड़ने की मांग भी रखी है। संगठन का कहना है कि नर्सिंग शिक्षा की गुणवत्ता और व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए इस दिशा में फैसला लिया जाना चाहिए। इसके अलावा नर्सिंग शिक्षा में कथित भ्रष्टाचार को खत्म करने और फैकल्टी मैनेजमेंट सिस्टम लागू करने की मांग भी की गई है। छात्रों का तर्क है कि पारदर्शी व्यवस्था से भविष्य में शिक्षा और परीक्षा से जुड़े विवादों को कम किया जा सकता है।
आंदोलन से जुड़े पोस्टर में छात्रों ने मुख्यमंत्री स्वास्थ्य मंत्री और रजिस्ट्रार के इस्तीफे की मांग भी उठाई है। संगठन ने आंदोलन को भूख हड़ताल से जोड़ने की बात भी कही है। छात्रों का कहना है कि उनकी मांगें लंबे समय से लंबित हैं और परिणाम तथा परीक्षाओं में देरी का सीधा असर उनके भविष्य पर पड़ रहा है। ऐसे में अब वे अपनी मांगों को लेकर आंदोलन को और तेज करने की तैयारी में हैं।
फिलहाल बिल्डिंग पर चढ़े तीनों छात्रों के सुरक्षित नीचे उतरने के बाद स्थिति सामान्य है लेकिन नर्सिंग छात्रों का धरना जारी है। अब नजर इस बात पर है कि सरकार और संबंधित विभाग छात्रों की मांगों पर क्या कदम उठाते हैं और लंबित परिणामों तथा परीक्षाओं को लेकर कब तक कोई ठोस फैसला सामने आता है।
