इसी बीच बुधवार को भोपाल नगर निगम परिषद की बैठक ISBT स्थित मीटिंग हॉल में आयोजित हुई। बैठक में नगर निगम से जुड़े कई अहम प्रस्तावों और मुद्दों पर पार्षदों तथा निगम प्रशासन के बीच चर्चा हुई। भवनों को किराए पर देने से लेकर फर्नीचर और स्टेशनरी की खरीद तथा मल्टीलेवल पार्किंग के ठेके जैसे विषय बैठक में उठाए गए। निगम परिषद की बैठक में इन मुद्दों पर चर्चा और निर्णय की प्रक्रिया आगे बढ़ी लेकिन शहर की बदहाल सड़कों और गड्ढों की समस्या चर्चा का हिस्सा नहीं बन सकी।
बारिश के बाद भोपाल के कई इलाकों में सड़कों की स्थिति लगातार खराब हुई है। कहीं सड़क की ऊपरी परत उखड़ गई है तो कहीं बड़े गड्ढे वाहन चालकों के लिए परेशानी बन चुके हैं। जिन सड़कों पर पहले से छोटे गड्ढे थे वे लगातार बारिश के कारण और गहरे हो गए हैं। पानी भरने के बाद इनकी वास्तविक गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता। ऐसे में तेज रफ्तार से गुजरने वाले वाहन अचानक गड्ढे में गिरने पर असंतुलित हो सकते हैं। खासकर दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह स्थिति ज्यादा जोखिम भरी हो जाती है।
शहर के लोगों का कहना है कि बारिश के मौसम में सड़कों की स्थिति हर साल खराब होती है और कई स्थानों पर मरम्मत के बाद भी समस्या दोबारा सामने आ जाती है। नागरिक चाहते हैं कि केवल गड्ढों को मिट्टी या मलबे से भरने के बजाय सड़क की स्थायी मरम्मत की जाए ताकि बारिश के बाद दोबारा वही स्थिति पैदा न हो। कई लोगों का यह भी कहना है कि नगर निगम और संबंधित विभागों को बारिश के दौरान क्षतिग्रस्त सड़कों की पहचान कर प्राथमिकता के आधार पर मरम्मत करानी चाहिए।
नागरिकों के लिए सबसे बड़ी चिंता उन सड़कों की है जहां दिनभर भारी यातायात रहता है। इन मार्गों पर गड्ढों के कारण वाहन चालकों को अचानक ब्रेक लगाने या रास्ता बदलने के लिए मजबूर होना पड़ता है। इससे यातायात प्रभावित होने के साथ दुर्घटना का खतरा भी बढ़ जाता है। वहीं पैदल राहगीरों के लिए जलभराव वाली सड़कें और खुले या गहरे गड्ढे अलग परेशानी पैदा कर रहे हैं।
नगर निगम परिषद की बैठक में जब कई प्रशासनिक और ठेके से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई तो शहर की जर्जर सड़कों का विषय सामने नहीं आने पर नागरिकों के बीच सवाल उठ रहे हैं। लोगों की मांग है कि राजधानी की बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मुद्दों को भी परिषद की प्राथमिकता में शामिल किया जाए। भोपालवासियों का कहना है कि सड़कों की समस्या सीधे उनकी रोजमर्रा की आवाजाही और सुरक्षा से जुड़ी है इसलिए इसे नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
फिलहाल बारिश का दौर जारी रहने के कारण सड़कों की स्थिति और खराब होने की आशंका बनी हुई है। ऐसे में शहरवासियों की नजर अब नगर निगम और संबंधित विभागों की कार्रवाई पर है कि गड्ढों और क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत कब शुरू होती है और लोगों को इस परेशानी से कब राहत मिलती है।
