सामने आए एक नोटिस में ग्राम कोहेफिजा के खसरा नंबर 42/10 में दर्ज 0.0320 हेक्टेयर भूमि से संबंधित व्यक्ति को 24 सितंबर को उपस्थित होकर अपने पक्ष में दस्तावेज और साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है। नोटिस में अमिताभ अग्निहोत्री की शिकायत का उल्लेख करते हुए जांच की जानकारी दी गई है। इसमें रियाज मंजिल को भारत के शत्रु संपत्ति अभिरक्षक कार्यालय के अनुसार शत्रु संपत्ति घोषित किए जाने की बात कही गई है। साथ ही संबंधित खसरे के कॉलम 12 में शत्रु संपत्ति जांच की प्रविष्टि होने और Enemy Property Act 1968 की धारा 12 का हवाला भी दिया गया है।
मामला इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि रियाज मंजिल का संबंध नवाब हमीदुल्लाह खान की दूसरी पत्नी आफताब जहां बेगम से बताया जाता है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार यह कोठी नवाब हमीदुल्लाह खान ने आफताब जहां बेगम को दी थी। अब इस संपत्ति से जुड़े रिकॉर्ड और आसपास की जमीनों की जांच ने पुराने विवाद को फिर सामने ला दिया है। सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या जांच का दायरा केवल रियाज मंजिल तक सीमित रहेगा या नवाब परिवार से जुड़ी दूसरी संपत्तियां भी इसकी जद में आएंगी।
जून 2026 में भोपाल कलेक्टर की ओर से शत्रु संपत्तियों की जांच को लेकर बैरागढ़ सहित अलग-अलग एसडीएम को निर्देश दिए जाने की जानकारी सामने आई थी। इस जांच में रियाज मंजिल के साथ मेपल हाउस नानी की हवेली और नवाब परिवार से संबंधित अन्य संपत्तियों को भी शामिल किए जाने की बात कही गई थी। ऐसे में कोहेफिजा के मौजूदा नोटिस को उसी व्यापक जांच प्रक्रिया से जोड़कर देखा जा रहा है।
आफताब जहां बेगम से जुड़ी जमीनों को लेकर भी पुराने रिकॉर्ड और दावों की चर्चा होती रही है। वर्ष 1959 के राजस्व रिकॉर्ड में बेहटा और बोरबन क्षेत्र में उनके नाम बड़ी मात्रा में जमीन दर्ज होने का दावा किया गया है। इन जमीनों में से कुछ को बाद में पावर ऑफ अटॉर्नी और कथित फर्जी हस्ताक्षरों के आधार पर हिबानाम के जरिए बेचे जाने के आरोप भी सामने आए हैं। बेहटा की 30.55 एकड़ जमीन की वर्ष 1994 में हुई बिक्री को लेकर आर्थिक अपराध शाखा से जांच की मांग किए जाने की जानकारी भी सामने आई है।
हालांकि मौजूदा भू-स्वामियों के लिए सबसे अहम सवाल यह है कि उनकी जमीन वास्तव में 29 अप्रैल 2024 के अभिरक्षक आदेश या प्रमाण पत्र में शामिल है या नहीं। नोटिस में रियाज मंजिल को शत्रु संपत्ति घोषित किए जाने और संबंधित खसरे में शत्रु संपत्ति जांच की प्रविष्टि दोनों का उल्लेख है। ऐसे में अंतिम स्थिति संबंधित दस्तावेजों और राजस्व रिकॉर्ड की जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। फिलहाल कोहेफिजा सहित बैरागढ़ और आसपास के क्षेत्रों में पुराने संपत्ति रिकॉर्ड की जांच आगे बढ़ने से इस मामले ने एक बार फिर लोगों का ध्यान खींचा है।
