यह मामला कुम्हार खाड़ी निवासी मनीषा यादव से जुड़ा है, जिनके घर 7 फरवरी 2026 को चोरी की वारदात हुई थी। उस समय परिवार घर पर नहीं था और 9 फरवरी को लौटने पर उन्हें घर का ताला टूटा मिला। जांच में सामने आया कि घर से सोने के जेवर और नकदी समेत करीब 60 लाख रुपए का कीमती सामान चोरी हो गया था।
पुलिस जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, जिसमें तीन से अधिक संदिग्ध युवक दिखाई दिए। इनकी पहचान में महिला के रिश्तेदार भी शामिल पाए गए, जिनमें जेठ का बेटा रोहित उर्फ गोलू और उसके कुछ साथी आरोपी बनाए गए। पुलिस ने इन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, हालांकि बाद में वे जमानत पर बाहर आ गए।
अब पीड़िता मनीषा यादव ने आरोप लगाया है कि आरोपियों ने दोबारा उसे डराने-धमकाने की कोशिश की है ताकि वह कोर्ट में अपना बयान बदल दे। महिला का कहना है कि 19 मई 2026 की दोपहर करीब 4 बजे आरोपी रोहित उर्फ गोलू अपने साथी प्रदुम्य के साथ उसके घर आया और पहले दर्ज कराए गए चोरी के केस में समझौता करने और बयान बदलने का दबाव बनाने लगा।
महिला के अनुसार, जब उसने इसका विरोध किया तो दोनों आरोपियों ने उसके और उसके पति के साथ अभद्रता की और जान से मारने की धमकी दी। इस घटना के बाद पीड़िता ने सीधे थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई और सुरक्षा की मांग की।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, चोरी के मुख्य आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था, लेकिन अब धमकी और गवाह को प्रभावित करने के आरोपों की अलग से जांच की जा रही है। पुलिस यह भी देख रही है कि क्या यह मामला गवाह को डराकर केस कमजोर करने की कोशिश का हिस्सा है।
इस पूरे मामले में अब दोहरी जांच चल रही है एक चोरी की वारदात की और दूसरी गवाह को धमकाने और न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की। पुलिस का कहना है कि सबूतों और बयानों के आधार पर आगे की सख्त कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पीड़िता और उसका परिवार दहशत में है और उन्होंने सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है। यह मामला अब सिर्फ चोरी का नहीं बल्कि न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने के प्रयास के रूप में भी देखा जा रहा है।
