Axios ने तीन सूत्रों के हवाले से बैठक की जानकारी दी है। संभावित बैठक में सऊदी अरब, यूएई, कतर, बहरीन, कुवैत और ओमान के नेता या विदेश मंत्री शामिल हो सकते हैं। हालांकि, बैठक का अंतिम एजेंडा अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है।
ईरानी हमलों से खाड़ी देश भी प्रभावित
ट्रंप की प्रस्तावित बैठक ऐसे समय हो रही है जब ईरान के साथ युद्ध के दौरान खाड़ी के उन देशों को भी ईरानी हमलों का सामना करना पड़ा है, जहां अमेरिकी सैन्य ठिकाने मौजूद हैं। इसके अलावा तेल और प्राकृतिक गैस के निर्यात में आई रुकावटों का असर इन देशों की अर्थव्यवस्थाओं पर भी पड़ा है।
ऐसे में अरब नेताओं के साथ बातचीत में क्षेत्रीय सुरक्षा के साथ ऊर्जा आपूर्ति और व्यापारिक गतिविधियों से जुड़े मुद्दे भी उठ सकते हैं।
मक्का के एयरस्पेस तक पहुंचा ड्रोन, सऊदी ने बताया ‘रेड लाइन’
सऊदी अरब और हूतियों के बीच भी तनाव लगातार बना हुआ है। हाल में सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने दावा किया था कि हूतियों की ओर से लॉन्च किए गए ड्रोन को मक्का के प्रतिबंधित एयरस्पेस में पहुंचने से पहले ही रोक दिया गया।
सऊदी गठबंधन ने कहा था कि दो पवित्र मस्जिदों की सुरक्षा उसके लिए “रेड लाइन” है। हालांकि, हूतियों ने मक्का को निशाना बनाने के दावे को खारिज करते हुए इसे झूठ बताया था।
इस घटनाक्रम के बाद ट्रंप और अरब नेताओं की संभावित बैठक में ईरान युद्ध के साथ हूती गतिविधियों और खाड़ी देशों की सुरक्षा पर चर्चा की संभावना भी जताई जा रही है।
युद्ध खत्म होने के बाद की योजना पर भी नजर
Axios के मुताबिक, अमेरिकी प्रशासन ईरान के साथ युद्ध के बाद की रणनीति पर भी काम कर रहा है। ट्रंप और उनकी वरिष्ठ टीम इस योजना को तैयार कर रही है और इसे अमेरिकी मिडटर्म चुनाव के बाद अंतिम रूप दिए जाने की उम्मीद है।
ट्रंप ने बुधवार को कहा था कि उन्हें उम्मीद है कि युद्ध अब खत्म होने के करीब है। उन्होंने यह भी दावा किया था कि ईरान समझौता करना चाहता है और अमेरिका को ईरानी पक्ष की ओर से सीधे इस संबंध में संदेश मिला है।
हालांकि, इन बयानों के बीच युद्ध को लेकर अमेरिकी प्रशासन की अंतिम रणनीति अभी स्पष्ट नहीं है।
विदेश विभाग ने भेजे शुरुआती निमंत्रण
अमेरिकी विदेश विभाग ने बुधवार को संभावित बैठक के लिए शुरुआती निमंत्रण भेजे हैं। व्हाइट हाउस ने इस रिपोर्ट पर टिप्पणी करने से इनकार किया है। एक सूत्र के मुताबिक, बैठक में अन्य अरब और मुस्लिम देशों के नेताओं को भी शामिल किया जा सकता है।
इससे बैठक का दायरा केवल GCC देशों तक सीमित रहने के बजाय व्यापक क्षेत्रीय बातचीत का रूप ले सकता है। हालांकि, अंतिम भागीदारी और एजेंडा की आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।
नेतन्याहू भी ट्रंप से मिलने की कोशिश में
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू भी संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान न्यूयॉर्क में ट्रंप से मुलाकात करना चाहते हैं। हालांकि, एक इजरायली सूत्र के अनुसार दोनों नेताओं की बैठक अभी तय नहीं हुई है।
पिछले साल संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान ट्रंप ने आठ अरब और मुस्लिम देशों के नेताओं से मुलाकात की थी। उस दौरान उन्होंने गाजा में शांति को लेकर अपनी योजना का ड्राफ्ट उनके सामने रखा था। करीब एक सप्ताह बाद योजना सार्वजनिक की गई थी और उसके कुछ समय बाद युद्ध खत्म करने को लेकर एक समझौता हुआ था।
अब सबकी नजर न्यूयॉर्क बैठक पर
इस बार फिर संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान ट्रंप और खाड़ी देशों के नेताओं की प्रस्तावित बैठक ऐसे वक्त हो रही है, जब ईरान युद्ध और हूती हमलों ने पूरे क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावित किया है।
बैठक का अंतिम एजेंडा सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि अमेरिका ईरान के साथ जारी संघर्ष, हूती खतरे और खाड़ी देशों की सुरक्षा को लेकर कौन से मुद्दे प्राथमिकता से उठाता है। फिलहाल बातचीत में युद्ध के अगले कदम के साथ संघर्ष खत्म होने की स्थिति में अमेरिकी रणनीति पर भी चर्चा होने की संभावना है।
