रिपोर्ट सामने आने के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान की भूमिका को लेकर सवाल उठे, लेकिन पाकिस्तान ने इन सभी आरोपों को सख्ती से खारिज कर दिया है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि नूर खान एयरबेस पर ईरानी विमानों को “छिपाने” या “संरक्षण देने” जैसे दावे पूरी तरह भ्रामक और तथ्यहीन हैं।
पाकिस्तान की ओर से जारी बयान में कहा गया कि सीजफायर के बाद क्षेत्रीय शांति प्रयासों के तहत कुछ बातचीत और कूटनीतिक गतिविधियां जरूर हुईं, लेकिन इसका किसी तरह के सैन्य विमान छिपाने या विशेष अनुमति से कोई संबंध नहीं है। मंत्रालय ने इसे “सनसनी फैलाने वाली और अटकलों पर आधारित रिपोर्ट” बताया।
पाकिस्तान ने यह भी कहा कि वह इस पूरे मामले में एक जिम्मेदार और निष्पक्ष मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है और सभी पक्षों के साथ पारदर्शी संवाद बनाए हुए है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, क्षेत्रीय स्थिरता को कमजोर करने के लिए इस तरह की अपुष्ट खबरें फैलाई जा रही हैं।
इस पूरे मामले में अब तक किसी भी स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय संस्था या सरकार की ओर से इन दावों की पुष्टि नहीं की गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा अमेरिका-ईरान तनाव के बीच सूचना युद्ध और राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है, जिससे अपुष्ट खबरें तेजी से फैल रही हैं।
फिलहाल यह मामला मीडिया रिपोर्ट्स, राजनीतिक प्रतिक्रियाओं और कूटनीतिक खंडनों के बीच उलझा हुआ है और इसकी वास्तविक सच्चाई को लेकर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है।
