यह निर्णय ऐसे समय में सामने आया है जब दोनों देशों के बीच विमानन संबंध सामान्य नहीं हो सके हैं। सुरक्षा कारणों से लागू यह प्रतिबंध लगातार बढ़ाया जा रहा है और पिछले कई महीनों से इसकी अवधि समय-समय पर आगे बढ़ाई जाती रही है। नए नोटिस के जारी होने के बाद भारतीय विमानन कंपनियों को अपनी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के संचालन में पहले की तरह वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करना होगा।
भारत और पाकिस्तान के बीच विमानन प्रतिबंधों की शुरुआत अप्रैल 2025 में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद हुई थी। उस हमले में 26 लोगों की जान चली गई थी, जिसके बाद दोनों देशों के संबंधों में तीखा तनाव देखने को मिला। इसके बाद सुरक्षा और कूटनीतिक कदमों के तहत दोनों देशों ने एक-दूसरे की एयरलाइंस और सैन्य विमानों के लिए अपने-अपने हवाई क्षेत्र पर प्रतिबंध लगा दिया था। तब से यह व्यवस्था लगातार प्रभावी बनी हुई है।
पाकिस्तान की ओर से जारी नवीनतम NOTAM में स्पष्ट किया गया है कि भारत में पंजीकृत किसी भी विमान को उसके हवाई क्षेत्र में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। इसमें वे विमान भी शामिल हैं जो भारतीय एयरलाइंस द्वारा संचालित या लीज पर लिए गए हैं। साथ ही सैन्य उड़ानों पर भी यह प्रतिबंध पहले की तरह लागू रहेगा। इससे दोनों देशों के बीच सीधी हवाई आवाजाही पूरी तरह प्रभावित बनी हुई है।
इस प्रतिबंध का सबसे अधिक असर उन अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर पड़ता है जिन्हें पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र से होकर गुजरना पड़ता था। अब इन उड़ानों को लंबा वैकल्पिक मार्ग अपनाना पड़ता है, जिससे उड़ान अवधि बढ़ने के साथ ईंधन की खपत और परिचालन लागत भी बढ़ जाती है। कई मामलों में यात्रियों को अधिक यात्रा समय और उड़ानों के संचालन में अतिरिक्त बदलाव का सामना करना पड़ता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक दोनों देशों के बीच सुरक्षा और कूटनीतिक परिस्थितियों में सकारात्मक बदलाव नहीं आता, तब तक इस प्रकार के प्रतिबंध जारी रह सकते हैं। विमानन क्षेत्र में सामान्य स्थिति बहाल होने के लिए दोनों देशों के बीच विश्वास और संवाद की प्रक्रिया का आगे बढ़ना आवश्यक माना जा रहा है। फिलहाल 23 अगस्त तक भारतीय विमानों के लिए पाकिस्तान का हवाई क्षेत्र बंद रहेगा और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का संचालन मौजूदा वैकल्पिक मार्गों के अनुसार ही जारी रहने की संभावना है।
