मामला तब और बढ़ गया जब फिल्म खत्म होने के बाद भी कुछ दर्शक थिएटर से बाहर निकलने को तैयार नहीं थे वे बार बार उसी गाने को दोबारा चलाने की मांग कर रहे थे इस वजह से अगले शो की तैयारी में जुटे स्टाफ को परेशानी होने लगी थिएटर मालिक बालगोविंद के मुताबिक स्टाफ ने दर्शकों से शांति से बाहर निकलने का अनुरोध किया था लेकिन कुछ लोग इस दौरान आक्रामक हो गए और बहस तेज हो गई
स्थिति ने गंभीर रूप तब ले लिया जब कथित तौर पर एक फैन ने महिला स्टाफ के साथ बदतमीजी की और आपत्तिजनक इशारे किए बताया जा रहा है कि वह व्यक्ति नशे की हालत में था जिससे माहौल और तनावपूर्ण हो गया थिएटर प्रबंधन का कहना है कि स्टाफ ने पहले स्थिति को संभालने की कोशिश की लेकिन जब मामला नियंत्रण से बाहर होता गया तब हाथापाई शुरू हो गई
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने इस घटना को और अधिक चर्चा में ला दिया है जहां कुछ लोग थिएटर स्टाफ के रवैये की आलोचना कर रहे हैं और कह रहे हैं कि हिंसा किसी भी स्थिति का समाधान नहीं हो सकती वहीं कुछ यूजर्स का मानना है कि अगर कोई व्यक्ति नशे में महिलाओं के साथ बदतमीजी करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी है
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि सार्वजनिक स्थानों पर अनुशासन बनाए रखने की जिम्मेदारी किसकी है और ऐसे मामलों में सीमा कहां तय की जानी चाहिए थिएटर मालिक ने कहा है कि वे फैंस के उत्साह को समझते हैं लेकिन नियमों और मर्यादा का पालन करना भी जरूरी है उन्होंने यह भी बताया कि री रिलीज फिल्मों के दौरान अक्सर कुछ लोग नशे की हालत में आ जाते हैं जिससे ऐसी घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है
फिलहाल इस मामले की सच्चाई पूरी तरह साफ नहीं हो पाई है लेकिन इतना जरूर है कि इस घटना ने सिनेमाघरों में सुरक्षा व्यवस्था और व्यवहार के मुद्दे को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है लोग अब यह मांग कर रहे हैं कि ऐसे मामलों में बेहतर प्रबंधन और संयमित प्रतिक्रिया अपनाई जाए ताकि दर्शकों का अनुभव सुरक्षित और सकारात्मक बना रहे
