इस गाने से जुड़ा एक और दिलचस्प पहलू यह है कि अग्नि ने इसमें अपनी ही साड़ी पहनी थी। गाने के रिलीज होने के बाद जब दर्शकों ने उन्हें नोटिस किया तो उनकी लोकप्रियता अचानक बढ़ने लगी। अग्नि ने इस प्यार पर खुशी जताते हुए फिल्म के निर्देशक डॉ. विशाल चतुर्वेदी और सिंगर कंपोजर ऋषि पाठक का आभार व्यक्त किया है। उनके लिए यह अनुभव इसलिए भी खास है क्योंकि अब दर्शक उनके पुराने काम को भी पहचानने लगे हैं।
अग्नि अग्यारी का भारत से जुड़ाव सिर्फ फिल्मों तक सीमित नहीं है। ईरान के तेहरान में जन्मीं और वहीं पली बढ़ीं अग्नि पारसी परिवार से आती हैं। इसके बावजूद उन्हें बचपन से ही भारतीय फिल्मों और भारतीय संस्कृति में गहरी रुचि रही है। उन्होंने बताया कि बचपन में उन्हें ओम जय जगदीश हरे भजन काफी पसंद था। उन्होंने इस भजन को फारसी भाषा में लिखकर याद किया था और अपनी मां के एक विद्यार्थी से मिले सरस्वती माता के चित्र के सामने बैठकर इसे गाया करती थीं।
भारत के साथ अपने इस भावनात्मक जुड़ाव को लेकर अग्नि का मानना है कि शायद उनके और भारत के बीच कोई पुराना संबंध रहा है। उन्होंने पिछले जन्म के कनेक्शन की संभावना की बात कही है। यह उनका व्यक्तिगत विश्वास है लेकिन भारत के प्रति उनका लगाव बचपन से दिखाई देता है। उनका कहना है कि उन्हें खुद भी नहीं पता कि भारत के साथ उनका इतना गहरा जुड़ाव क्यों महसूस होता है। वह खुद को दिल से भारतीय मानती हैं।
अग्नि पिछले करीब चार वर्षों से भारत में काम कर रही हैं। इस दौरान वह शाहरुख खान करीना कपूर खान और यामी गौतम जैसे कलाकारों के साथ विज्ञापनों में दिखाई दे चुकी हैं। इसके अलावा उन्होंने बड़े अच्छे लगते हैं 3 और शो टाइम जैसे टीवी प्रोजेक्ट्स में भी काम किया है। फिल्मों में भी वह अपनी पहचान बना रही हैं। संजय लीला भंसाली के प्रोडक्शन की फिल्म दो दीवाने शहर में और लव लॉटरी उनके हालिया प्रोजेक्ट्स में शामिल हैं। पार्वती गाने से मिली लोकप्रियता उनके करियर के लिए एक नया मोड़ साबित हो सकती है और भारतीय दर्शकों के बीच उनकी पहचान पहले से ज्यादा मजबूत होती नजर आ रही है।
